उत्तराखंड: "विशाखा चली गई है, किसी को बताना नहीं".. बीमार मां को आधी रात में बेटे का आया फोन

अस्पताल में भर्ती महिला को रात को फ़ोन आया.. मम्मी विशाखा चली गई है, किसी को बताना नहीं। खबर सुनने के बाद से पहली ही बीमार माता-पिता गहरे सदमे में चले गए। हत्या के पीछे फरार बड़े भाई विशाल का हाथ होने का शक है।
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Vishakha Murder Case: brother murdered sister and called his ill mother
Image: brother murdered sister and called his ill mother

देहरादून: राजधानी देहरादून के बसंत विहार क्षेत्र के चाय बागान इलाके में प्लास्टिक के कट्टे में बरामद हुए शव की शिनाख्त हो गई है। मृतका की पहचान प्रेमनगर निवासी 20 वर्षीय पॉलिटेक्निक की छात्रा विशाखा के रूप में हुई।

brother murdered sister and called his ill mother

जानकारी के अनुसार, बीते सोमवार तड़के सुबह 4 बजे अस्पताल में भर्ती मां के मोबाइल पर विशाल का फोन आया। उसने कहा “मम्मी, विशाखा चली गई है, किसी को बताना नहीं...” इतना कहने के बाद उसने फोन कट कर ऑफ कर दिया। यह सुनकर मां घबरा उठीं और अनहोनी की आशंका से बेचैनी होने लगी। मां ने विशाल को कई बार कॉल करने का प्रयास किया लेकिन उसका फ़ोन नहीं लगा। उसके बाद अगली सुबह करीब 10 बजे पुलिस से सूचना मिली कि जंगल में विशाखा का शव मिला है। यह सुनकर मां बेहोश हो गईं। रिश्तेदारों का कहना है कि बेटी की मौत के बाद से मां को बार-बार बेहोशी के दौरे पड़ रहे हैं। मृतक विशाखा का परिवार पहले से ही बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहा था। उसकी मां अस्पताल में रसौली के ऑपरेशन के लिए भर्ती हैं, पिता बुधराम लकवाग्रस्त हैं और लंबे समय से बिस्तर पर लाचार पड़े हैं। घर की जिम्मेदारी विशाखा संभालती थी, लेकिन अब उसकी हत्या ने पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है।

ममेरे भाई ने लिखवाई तहरीर

विशाखा के ममेरे भाई रोहित कुमार ने इस मामले में बसंत विहार थाने में तहरीर दी है। रोहित ने पुलिस को दी गई तहरीर बताया कि विशाखा पॉलिटेक्निक से पढ़ाई कर रही थी। माता-पिता की बीमारी के बाद से वो अकेले ही घर की जिम्मेदारी संभाल रही थी। उसका बड़ा भाई विशाल नशे का आदी है। काम धंधा नियमित नहीं करता है, कभी कंडक्टर तो कभी ड्राइवर का काम करता है। उसके गैर जिम्मेदार होने के कारण विशाखा की उससे नहीं बनती थी और उनका अक्सर झगड़ा होता था। विशाखा पढ़ाई पूरी करके जल्द से जल्द नौकरी करके परिवार को सहारा बनना चाहती थी। बीमार मां ने भी सीधे तौर पर अपने बेटे विशाल पर ही विशाखा की हत्या का शक जताया है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले में जाँच शुरू कर दी है।

भाई-बहन के बीच रहता था विवाद

पुलिस ने भी जाँच करके भाई-बहन के बीच विवाद रहने की पुष्टि की है। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि रविवार रात भी दोनों के बीच विवाद हुआ जिसके चलते विशाखा की हत्या हो गई। आशंका है कि विशाल ने अस्पताल में भर्ती मां को कॉल करने के बाद विशाखा के शव को जंगल में फेंका और फरार हो गया। सीओ सिटी मिश्रा ने बताया कि आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। विशाखा का देर शाम पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।

इलाके में अक्सर मिलती हैं लाशें

स्थानीय लोग चाय बागान में पहले भी लाशें मिलने और आसपास संदिग्ध गतिविधियां होने के कारण गुस्सा जता रहे हैं। उनका कहना है कि इलाके में एक पुलिस पिकेट बनाने की मांग लंबे समय से जारी है यदि रात में एक पिकेट भी लग जाए तो अपराधी इलाके के सुनसान होने का फायदा नहीं उठाएंगे। आसपास से गुजरने वाले भी सुरक्षित महसूस करेंगे। बागान में खाली जगहों पर नशा करने वाले बैठे रहते हैं जिसकी वजह से वहां से गुजरने वालों के साथ वारदात का डर रहता है।