Rudraprayag News: छेनागाड़ आपदा के 57 दिन बाद मिले 2 लोगों के अवशेष, लापता सात की तलाश अब भी जारी

24 अक्टूबर को खुदाई के दौरान बड़े पत्थरों के नीचे दो शव दिखाई दिए। टीम ने सावधानी पूर्वक पत्थर तोड़कर मलबा हटाया गया और दोनों शवों को बाहर निकाला गया।
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Chhenagad disaster: Remains of two found after  57 days of Chhenagad disaster
Image: Remains of two found after 57 days of Chhenagad disaster

रुद्रप्रयाग: छेनागाड़ क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा के दो महीने बाद 24 अक्टूबर को सर्च अभियान के दौरान मलबे से दो शव बरामद हुए हैं। हालांकि आपदा में लापता हुए 9 व्यक्तियों में से 7 लोग अब भी लापता हैं। रेस्क्यू टीम द्वारा लापता लोगों की खोज तेजी से की जा रही है।

Remains of two found after 57 days of Chhenagad disaster

गौरतलब हो कि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार क्षेत्र में बीते 28 और 29 अगस्त के बीच की रात बादल फटने से छेनागाड़ बाजार पूरी तरह नष्ट हो गया था। इस आपदा में कई मकान, दुकानें और पशु बह गए थे, और कई लोग भो मलबे में दब गए थे। छेनागाड़ बाजार का लगभग पूरा अस्तित्व मिट्टी और विशाल पत्थरों के नीचे दब गया था। इस आपदा में कई आवासीय मकान और मवेशी भी बह गए थे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि कुछ ही मिनटों में पूरा क्षेत्र खंडहर में बदल गया था।

एक शव की नहीं हो पाई शिनाख्त

लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ की टीम प्रशासन के निर्देश पर लगातार मलबा हटाने का कार्य कर रही थी। मौसम में सुधार होने के बाद खुदाई की रफ्तार तेज़ की गई। बीते 24 अक्टूबर को खुदाई के दौरान बड़े पत्थरों के नीचे दो शव दिखाई दिए। सावधानी पूर्वक पत्थर तोड़कर मलबा हटाया गया और दोनों शवों को बाहर निकाला गया। बरामद शवों में से एक की पहचान कुलदीप सिंह (उम्र 24 वर्ष), पुत्र बीरबल सिंह, निवासी उछोला भोर (रुद्रप्रयाग) के रूप में हुई है। दूसरे शव का केवल पैर मिलने के कारण उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। डीएनए परीक्षण और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।

बाकी लोगों की तलाश जारी

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने पुष्टि करते हुए बताया कि इस स्थान पर और शव मिलने की संभावना है। आपदा प्रबंधन, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं और खुदाई का काम युद्ध स्तर पर जारी है। दो शव मिलने के बाद लापता लोगों के परिजनों में भी उम्मीद जगी है कि शायद बाकी के सुराग जल्द मिल सके। हालांकि, लगातार दो महीने से जारी इस खोज अभियान के कारण लोग मानसिक और भावनात्मक रूप से टूट चुके हैं। प्रशासन की टीमें पूरी कोशिश में जुटी हैं कि जल्द से जल्द बाकी लापता लोगों तक भी पहुंचा जा सके।