उत्तराखंड में शनिवार सुबह एक बार फिर भूकंप से धरती डोलने लगी। गनीमत की बात यह है कि फिलहाल कहीं से किसी भी नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Earthquake shook the earth in Chamoli
चमोली: उत्तराखंड में शनिवार सुबह एक बार फिर भूकंप से धरती डोलने लगी। चमोली जिले में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, स्थानीय लोग दहशत में आकर अपने घरों से बाहर भागने लगे। सुबह का शांत वातावरण कुछ क्षणों के लिए भूकंप की कंपन से थर्रा उठा, पूरे क्षेत्र में हडकंप मच गया।
Earthquake shook the earth in Chamoli
जानकारी के अनुसार, आज रविवार 30 नवम्बर को सुबह 10 बजकर 27 मिनट पर चमोली जिले में भूकंप आया। भूकंप के झटके चमोली जिले के कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, थराली और देवाल के इलाकों में महसूस किए गए। भूकंप के झटके महसूस होते ही स्थानीय लोग दहशत में आकर घरों से बाहर भागने लगे। भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई है। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि भूकंप का केंद्र चमोली के आसपास स्थित था। गनीमत की बात यह है कि फिलहाल कहीं से किसी भी नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
जोन-6 में उत्तराखंड
उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से पहले से ही संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। अब भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा जारी भूकंपीय जोखिम संरचनाओं के भूकंपरोधी डिजाइन मानक रीति संहिता 2025 में राज्य को और अधिक खतरनाक श्रेणी, जोन-6, में शामिल किया गया है। पहले उत्तराखंड को जोन-4 और जोन-5 में विभाजित किया गया था, अब पूरा राज्य जोन-6 में रखा गया है, जिसे अत्यंत संवेदनशील श्रेणी माना जाता है।
भूकंपरोधी मानकों के अनुसार निर्माण कार्य
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के बाद राज्य में होने वाले सभी निर्माण कार्यों को अत्यधिक भूकंपरोधी मानकों के अनुसार किया जाना आवश्यक होगा। उत्तराखंड में पहले रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों को जोन-5 (अधिकतम संवेदनशील) में रखा गया था। वहीं उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल को जोन-4 (उच्च संवेदनशील) में रखा गया था। अब पूरा राज्य एक समान रूप से अत्यधिक जोखिम वाले क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है।