नैनीताल: कर्ज के बोझ ने लील दीं दो ज़िंदगियां, मानसिक तनाव में दंपती ने उठाया आत्मघाती कदम

दुमका ट्रेडर्स के स्वामी रमेश और उनकी पत्नी कमला ने बीते मंगलवार को देर रात अपने घर के अलग-अलग कमरों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हडकंप मच गया..
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Bank debt burden: Couple takes suicidal step due to mental stress
Image: Couple takes suicidal step due to mental stress

नैनीताल: हल्दूचौड़ मुख्य बाजार में रहने वाले रमेश दुम्का और उनकी पत्नी की मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। कुछ महीनों से बढ़ते कर्ज, आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव ने दंपती को ऐसी दुविधा में ला खड़ा किया कि उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त करने जैसा कठोर कदम उठाया।

Couple takes suicidal step due to mental stress

जानकारी के अनुसार नैनीताल जिले के लालकुआं के हल्दूचौड़ इलाके के प्रतिष्ठित व्यवसायी दुमका ट्रेडर्स के स्वामी रमेश दुमका ने कुछ वर्ष पहले अपनी पहली पत्नी के निधन के बाद कमला के साथ दूसरी शादी की थी। लेकिन बीते मंगलवार को देर रात दुमका दंपति ने अपने घर के अलग-अलग कमरों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अगली सुबह दोनों के शव परिजनों को घर के प्रथम तल के अलग-अलग कमरों में पंखे से लटके हुए मिले। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा शवों को कब्जे में लेकर मामले की जाँच शुरू की गई। पुलिस जाँच में पता चला रमेश दुमका लंबे समय से आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से परेशान थे। जिसके चलते उन्होंने ये आत्मघाती कदम उठाया।

दुम्का परिवार ने लिया था लाखों का कर्जा

स्थानीय लोगों के अनुसार, दुम्का परिवार ने परिचितों, स्थानीय व्यवसायियों और बैंक से लाखों रुपये उधार लिए थे। भुगतान रुकने पर ब्याज बढ़ता गया, बैंक ने कुर्की की तैयारी शुरू कर दी और लेनदार रोज घर आकर तकादा करने लगे। परिवार की जमीन-जायदाद और दुकान सहित अधिकांश संपत्तियाँ गिरवी थीं, इसलिए कर्ज चुकाने का कोई ठोस साधन नहीं बचा था। आर्थिक संकट, सामाजिक दबाव और बढ़ते तनाव ने दंपती को मानसिक रूप से तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि पिछले तीन-चार महीनों से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। बैंक नोटिस और लेनदारों की आवाजाही ने तनाव को चरम पर पहुँचा दिया। कुछ दिन पहले दंपती ने एक पुराने कर्मचारी को बुलाकर घर के पंखे उतरवाए थे। घटना से चार दिन पहले उन्होंने हल्द्वानी में रहने वाले अपने बेटे को भी घर बुलाया था, जो उनके भीतर चल रही बेचैनी और मानसिक संघर्ष का संकेत माना जा रहा है।

मकान-दुकान सहित अन्य संपति थी गिरवी

स्थानीय लोगों का कहना है कि दंपती का मकान और दुकान प्राइवेट बैंक से लिए गए कर्ज के बदले गिरवी थे। रिश्तेदारों ने दुकान का कुछ कर्ज तो चुका दिया था, लेकिन मकान पर बकाया बना हुआ था। क्षेत्र में चर्चा है कि स्थानीय सूदखोर घर आकर दबाव बनाते थे, जिससे मानसिक तनाव और बढ़ता गया। हालांकि, पुलिस ने सूदखोरों के दबाव संबंधी बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दंपती अपने पैतृक घर बच्चीनवाड़, हल्दूचौड़ में शिफ्ट होकर दुकान शुरू कर आर्थिक स्थिति सुधारने की योजना भी बना रहे थे, लेकिन इससे पहले ही हालात उनके नियंत्रण से बाहर हो गए।

कभी पूरे इलाके में प्रसिद्ध था दुम्का ट्रेडर्स

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक समय था जब यह परिवार “दुम्का ट्रेडर्स” नाम से पूरे इलाके में जाना जाता था। मेहनत, ईमानदारी और भरोसे की मिसाल माने जाने वाले इस परिवार ने वर्षों की मेहनत से व्यापार स्थापित किया था। रमेश दुम्का के पिता ने सरकारी नौकरी के साथ-साथ अपनी पूंजी, समय और परिश्रम से इस व्यापार की नींव रखी थी। लेकिन समय के साथ गलत वित्तीय फैसले, व्यापार में गिरावट, बढ़ती उधारी और लोन की लापरवाही ने इस विरासत को गहरे संकट में धकेल दिया। दुम्का दंपती अपने मिलनसार स्वभाव, सरलता और सद्भावना के लिए जाने जाते थे। उनके रिश्ते क्षेत्र के लगभग हर परिवार से मधुर थे। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिससे पता चलता है कि उन्होंने लोगों के दिलों में एक गहरी जगह बनाई थी।