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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर देशभर में उठ रही न्याय की आवाज़ों के बीच उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से एक बेहद संवेदनशील और भावुक पहल सामने आई है। भिकियासैंण ब्लॉक के बरकिंडा गांव की रहने वाली दो बहनों—कुसुम बौड़ाई और कक्षा 10 की छात्रा संजना बौड़ाई—ने अपने खून से पत्र लिखकर अंकिता को न्याय दिलाने की मांग की है। यह पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के दिलों को छू रहा है।
संजना बौड़ाई द्वारा भारत के राष्ट्रपति को संबोधित इस पत्र में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के साथ-साथ मामले में कथित रूप से शामिल प्रभावशाली (वीआईपी) लोगों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई है। छात्रा ने लिखा है कि भारत एक न्यायप्रिय देश है, जहां कानून से ऊपर कोई नहीं होना चाहिए। पत्र में कहा गया है कि अंकिता भंडारी जैसी बेटियों के साथ होने वाली घटनाएं पूरे समाज को झकझोर देती हैं। यदि ऐसे मामलों में प्रभावशाली लोगों को संरक्षण मिलता है, तो आम नागरिकों का न्याय व्यवस्था से विश्वास डगमगा जाता है। संजना ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि वे इस गंभीर मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में कोई भी बेटी खुद को असुरक्षित महसूस न करे।