उत्तराखंड: नेपाल बॉर्डर के बर्फीले पहाड़ों में छुपा एंजेल चकमा का हत्यारा, पुलिस के लिए बना चुनौती

एंजेल चकमा हत्याकांड का मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी भारत-नेपाल बॉर्डर की पहाड़ियों में छिपा होने की सूचना है। भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण पुलिस का सर्च ऑपरेशन फिलहाल बाधित हुआ है।
Advertisement जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स

प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails

Example Ads Media
Angel Chakma murder case: Angel Chakma Murder Accused Hiding Near Indo-Nepal Border
Image: Angel Chakma Murder Accused Hiding Near Indo-Nepal Border

देहरादून: एंजेल चकमा हत्याकांड के मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के भारत-नेपाल बॉर्डर की दुर्गम पहाड़ियों में छिपे होने की पुख्ता सूचना मिली है। हालांकि, लगातार हो रही भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण पुलिस का सर्च ऑपरेशन फिलहाल धीमा पड़ गया है।

Angel Chakma Murder Accused Hiding Near Indo-Nepal Border

भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मौसम लगातार बिगड़ता जा रहा है। बर्फबारी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण दून पुलिस की विशेष टीमें अस्थायी रूप से वापस लौट आई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मौसम सामान्य होते ही सर्च ऑपरेशन को फिर से तेज किया जाएगा। देहरादून पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर गृह मंत्रालय को पत्र भेजा है, वहीं नेपाल सरकार के साथ भी लगातार बातचीत जारी है। सीमा पार भागने की आशंका को देखते हुए दोनों देशों की पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है।

कैसे हुआ था एंजेल चकमा पर हमला?

पुलिस के अनुसार, 9 दिसंबर को सेलाकुई थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद के दौरान कुछ युवकों ने त्रिपुरा निवासी छात्र एंजेल चकमा और उसके भाई माइकल चकमा पर हमला कर दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने पास की दुकान से चाकू उठाकर एंजेल पर वार कर दिया। एंजेल चकमा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 26 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने कुल छह आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी पिछले 25 दिनों से फरार है।

आरोपी का परिवार से भी कोई संपर्क नहीं

पुलिस के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि आरोपी ने घटना के बाद से एक बार भी अपना मोबाइल फोन ऑन नहीं किया है। उसने न तो अपने माता-पिता, रिश्तेदारों और न ही दोस्तों से कोई संपर्क किया है, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना बेहद मुश्किल हो गया है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि आरोपी भारत-नेपाल बॉर्डर के बर्फीले और दुर्गम इलाकों में छिपा हुआ है। जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, पुलिस टीमों को दोबारा सीमा क्षेत्र में भेजा जाएगा। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह “मौसम के कारण फिलहाल दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन जैसे ही हालात सुधरेंगे, सर्च ऑपरेशन और तेज किया जाएगा।”