कालसी–चकराता मोटर मार्ग पर लालपुल के पास कार 60 मीटर गहरी खाई में गिरने से 15 वर्षीय वंश चावला की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार हादसा रील बनाने के दौरान हुआ, जबकि एक घायल को हायर सेंटर रेफर किया गया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Tragic accident on Kalsi-Chakrata road
देहरादून: उत्तराखंड के कालसी–चकराता मोटर मार्ग पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। लालपुल के पास एक कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 60 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में कार सवार वंश चावला (15 वर्ष) निवासी संतनगर, पुरानी दिल्ली की मौत हो गई, जबकि कार में मौजूद अन्य पांच लोग घायल हो गए। घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे हायर सेंटर रेफर किया गया है।
Tragic accident on Kalsi-Chakrata road
थाना प्रभारी कालसी दीपक धारीवाल ने बताया कि दिल्ली से दो परिवार साथ में चकराता घूमने आए थे। सभी लोग घूमने के बाद एक ही कार में सवार होकर दिल्ली लौट रहे थे। इसी दौरान लालपुल के पास कार अचानक नियंत्रण खो बैठी और खाई में गिर गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया। घायलों को 108 इमरजेंसी एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहिया भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद वंश चावला को मृत घोषित कर दिया।
घायलों के नाम और स्थिति
पुलिस के अनुसार हादसे में 15 वर्षीय वंश चावला की मौत हो गई। उसके अलावा मोहित कपूर के पैर में फ्रैक्चर हो गया, जिसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। वहीं हेमा चावला, सुवाग्य कपूर, शौर्य कपूर और वाहन चालक लीना कपूर बुरे तरह घायल हो गए। इन सभी घायलों का इलाज साहिया अस्पताल में जारी है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि कार अचानक अनियंत्रित हुई, जबकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि हादसा रील बनाने के दौरान हुआ। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और हर पहलू पर पड़ताल जारी है। मृतक वंश चावला अपनी मां हेमा चावला और रिश्तेदारों के साथ चकराता में बर्फ देखने आया था। बर्फबारी का आनंद लेने के बाद वापसी के दौरान हुआ यह हादसा पूरे परिवार के लिए जीवन भर का दर्द बन गया। बताया जा रहा है कि मां के सामने बेटे की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया।
ड्राइविंग के दौरान रील-वीडियो न बनाएं
थाना प्रभारी दीपक धारीवाल ने बताया कि शुक्रवार शाम से चकराता की ओर जाने वाले वाहनों को कालसी में रोकना शुरू कर दिया गया था। शनिवार को भी शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक वाहनों को रोका गया, लेकिन रविवार को वाहनों की संख्या कम होने के कारण रोक नहीं लगाई गई। उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि वे पहाड़ी रास्तों पर यातायात नियमों का पालन करें और वाहन चलाते समय रील/वीडियो न बनाएं, फोटो न खींचें, मोबाइल पर बात न करें। क्योंकि ऐसी लापरवाही दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।