गढ़वाल: मां की गोद से बच्चे को छीन ले गया गुलदार, क्षेत्र में दहशत.. इन 8 स्कूलों में 2 दिन की छुट्टी

गुलदार द्वारा पांच साल के बच्चे को मां के हाथ से छीनकर जंगल की ओर ले जाने की दर्दनाक घटना सामने आई है। घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है।
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child attacked by leopard: Administrative Order Schools Holiday due to Leopard terror
Image: Administrative Order Schools Holiday due to Leopard terror

रुद्रप्रयाग: सिंद्रवाणी क्षेत्र में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घर के आंगन में मां के साथ मौजूद पांच साल के मासूम बच्चे पर अचानक गुलदार ने हमला कर दिया और उसे मां के हाथ से झपटकर जंगल की ओर ले गया। घटना के बाद पूरे गांव में भय और चिंता का माहौल बन गया है।

Administrative Order Schools Holiday due to Leopard terror

रुद्रप्रयाग जनपद के सिंद्रवाणी क्षेत्र में गुलदार के आतंक के कारण भय और चिंता का माहौल छा गया है। परिजन अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने से डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चा जब घर पर अपनी मां की गोद में सुरक्षित नहीं है, तो रास्ते और स्कूल में कैसे सुरक्षित रहेगा। ऐसे में प्रशासन ने गुलदार हमले की घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए 4 और 5 फरवरी को सिंद्रवाणी क्षेत्र के आठ विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है।

इन स्कूलों में रहेगा दो दिन अवकाश

प्रशासन द्वारा जिन विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है उनमें "राजकीय प्राथमिक विद्यालय चमसील, सारी, सिंद्रवाणी, झालीमठ, छिनका, हिलोरीधार, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय छिनका और जनता हाई स्कूल ककोड़ाखाल शामिल हैं। इसके साथ ही इन विद्यालयों के आसपास संचालित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी दो दिन का अवकाश रहेगा।

गांव में जारी है सर्च ऑपरेशन

घटना के बाद से ग्रामीण और प्रशासनिक टीम बच्चे की तलाश में जुटी हुई है। जंगल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। ग्रामीण रात-दिन तलाश में लगे हुए हैं, लेकिन अब तक बच्चे का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने कहा कि क्षेत्र में जंगली जानवर और मानव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा: “इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। प्रशासन को जल्द से जल्द ठोस और स्थायी समाधान निकालना चाहिए।”

ग्रामीणों में डर, प्रशासन से मदद की उम्मीद

घटना के बाद से गांव में लोग अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने से डर रहे हैं। अभिभावकों में भय का माहौल है और लोग प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।