चमोली के देवाल ब्लॉक स्थित बामोटिया प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर होने से कक्षा 1 से 8 तक के बच्चे एक ही कमरे और बरामदे में पढ़ने को मजबूर हैं। वर्षों से पत्राचार के बावजूद भवन निर्माण नहीं हो पाया है।
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Image: Dilapidated School Exposes Education Negligence in Chamoli
चमोली: चमोली जिले के देवाल विकासखंड स्थित दूरस्थ प्राथमिक विद्यालय बामोटिया की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे यहां पढ़ने वाले बच्चों के सामने शिक्षा से ज्यादा अपनी सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के सभी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई एक ही कमरे में कराई जा रही है।
Dilapidated School Exposes Education Negligence in Chamoli
जानकारी के अनुसार चमोली जिले के देवाल विकासखंड स्थित दूरस्थ बामोटिया प्राथमिक विद्यालय की स्थापना वर्ष 2003 में हुई थी। वर्ष 2012-13 में विद्यालय का उच्चीकरण कर इसे जूनियर हाई स्कूल का दर्जा दिया गया, लेकिन यह उच्चीकरण केवल दस्तावेज़ों तक ही सीमित रह गया। भवन का विस्तार या नया निर्माण आज तक नहीं हो पाया, जिससे प्राइमरी और जूनियर हाई स्कूल दोनों की कक्षाएं एक ही जर्जर भवन में संचालित की जा रही हैं। यही नहीं, इसी परिसर में आंगनबाड़ी के बच्चे भी पढ़ने को मजबूर हैं।
एक कमरे में पढ़ाई, बरामदे में बैठते बच्चे
विद्यालय के अधिकांश कमरे जर्जर स्थिति में होने के कारण उपयोग के योग्य नहीं हैं। मजबूरी में पूरा विद्यालय केवल एक कक्ष में चलाया जा रहा है। कई छात्र-छात्राएं बरामदे में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। शीतलहर और खराब मौसम के कारण बच्चों की सेहत को लेकर अभिभावक और शिक्षक दोनों ही चिंतित रहते हैं।
ग्रामीणों का आरोप: वर्षों से पत्राचार, कोई सुनवाई नहीं
स्थानीय ग्रामीण रमेश राम ने बताया कि विद्यालय की दुर्दशा को लेकर कई वर्षों से अभिभावक, शिक्षक और ग्रामवासी शिक्षा निदेशालय और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखते आ रहे हैं। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि भवन की स्वीकृति और धनराशि मिल चुकी है, लेकिन विद्यालय फॉरेस्ट लैंड पर स्थित होने के कारण निर्माण कार्य में अड़चनें आ रही हैं। विद्यालय में प्राथमिक स्तर पर 19 और जूनियर हाई स्कूल में 18 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। संख्या कम होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर डाल रहा है। भवन की खराब स्थिति के कारण शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
शिक्षा विभाग का बयान
खंड शिक्षा अधिकारी देवाल, योगेंद्र ने बताया कि विद्यालय का अन्य भवन अत्यधिक जर्जर हो चुका है, इसलिए पूरा स्कूल एक ही कक्ष में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर धनराशि स्वीकृत होती है तो विद्यालय भवन की मरम्मत और सुधार कार्य कराया जाएगा। उच्च अधिकारियों को स्थिति से लगातार अवगत कराया जा रहा है।
बामोटिया प्राथमिक विद्यालय की स्थिति ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करती है। जहां एक ओर शिक्षा के अधिकार की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर हैं। अब जरूरत है कि शिक्षा विभाग और प्रशासन जल्द ठोस निर्णय लेकर विद्यालय भवन के निर्माण और सुधार की दिशा में कदम उठाए।