Uttarakhand News: अब तकनीकी जांच में नहीं होगी गड़बड़ी, उत्तराखंड के हर जिले में खुलेंगे एटीएस

उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए हर जिले में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। केंद्र सरकार के निर्देश पर परिवहन विभाग यह कदम उठा रहा है। इन केंद्रों पर वाहनों की फिटनेस जांच स्वचालित और पारदर्शी होगी..
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Automated Testing Stations: Uttarakhand Plans District-Wise Automated Testing Stations
Image: Uttarakhand Plans District-Wise Automated Testing Stations

देहरादून: उत्तराखंड में बढ़ते सड़क हादसों और तकनीकी रूप से अयोग्य वाहनों से होने वाले जोखिम को गंभीरता से लेते हुए राज्य परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार के निर्देशों के क्रम में अब प्रदेश के हर जिले में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) स्थापित किए जाएंगे, जिससे वाहनों की फिटनेस जांच अधिक पारदर्शी और मानक आधारित हो सके।

Uttarakhand Plans District-Wise Automated Testing Stations

परिवहन विभाग की योजना के अनुसार ये ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर संचालित किए जाएंगे। इससे निजी क्षेत्र की आधुनिक तकनीक और सरकारी निगरानी का बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पर क्या-क्या होगी जांच

एटीएस केंद्रों पर वाहनों की वैज्ञानिक और स्वचालित तरीके से तकनीकी जांच की जाएगी। इनमें ब्रेक सिस्टम, सस्पेंशन, स्टेयरिंग, एक्सल अलाइनमेंट, हेडलाइट्स की रोशनी, टायरों की स्थिति और प्रदूषण स्तर शामिल हैं। इन सभी मानकों की जांच के बाद ही वाहन को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

उत्तराखंड में अभी सात एटीएस कार्यरत

फिलहाल उत्तराखंड में निजी क्षेत्र के सहयोग से सात ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन संचालित किए जा रहे हैं। ये केंद्र विकासनगर, डोईवाला, हरिद्वार, रुद्रपुर, हल्द्वानी और टनकपुर पर कार्यरत हैं। इन केंद्रों से वाहनों की फिटनेस जांच की सुविधा पहले ही शुरू हो चुकी है।

छह नए स्थानों पर एटीएस खोलने का प्रस्ताव

परिवहन विभाग ने प्रदेश में छह और नए स्थानों पर एटीएस खोलने का प्रस्ताव तैयार किया है। इनमें कोटद्वार, ऋषिकेश, अल्मोड़ा, पौड़ी, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ शामिल हैं। इसके लिए केंद्र सरकार से भी सहयोग मिल रहा है। विभाग की योजना है कि पर्वतीय क्षेत्रों और प्रमुख शहरों में भी जल्द से जल्द ये केंद्र स्थापित किए जाएं।

सड़क सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में अहम कदम

अपर परिवहन आयुक्त एस.के. सिंह ने बताया कि “प्रदेश के हर प्रमुख शहर और जिले में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन खोलने का प्रयास किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और तकनीकी रूप से अयोग्य वाहनों को सड़कों से हटाना है।”