उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को सशुल्क करने का फैसला लिया है। फर्जी पंजीकरण रोकने के लिए न्यूनतम 10 रुपये शुल्क प्रस्तावित है। अंतिम शुल्क समिति की सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद तय होगा।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand to Introduce Paid Online Registration for Char Dham Yatra
देहरादून: उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी। इसी दिन यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष से Char Dham Yatra के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में बदलाव करते हुए इसे सशुल्क करने की घोषणा की है। सरकार का उद्देश्य फर्जी रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाना और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाना है।
Uttarakhand to Introduce Paid Online Registration for Char Dham Yatra
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय के अनुसार, फर्जी पंजीकरण को रोकने के लिए न्यूनतम 10 रुपये शुल्क लेने का प्रस्ताव है। हालांकि अंतिम शुल्क समिति की सिफारिश और राज्य सरकार की मंजूरी के बाद ही निर्धारित किया जाएगा।
समिति करेगी अंतिम शुल्क तय
रजिस्ट्रेशन शुल्क निर्धारित करने के लिए गढ़वाल मंडल के अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। यह समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद शुल्क की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। सरकार का मानना है कि मामूली शुल्क लगाने से केवल गंभीर श्रद्धालु ही पंजीकरण करेंगे, जिससे पोर्टल पर अनावश्यक दबाव कम होगा और व्यवस्थाएं बेहतर होंगी।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण कराते हैं। कई बार बड़ी संख्या में फर्जी या डुप्लिकेट रजिस्ट्रेशन होने से व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।