केदारनाथ यात्रा 2026 से पहले प्रशासन अलर्ट, नए DM विशाल मिश्रा ने दिए कड़े आदेश.. पढ़िए

केदारनाथ धाम यात्रा 22 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगी। यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
Kedarnath Yatra 2026: Kedarnath Yatra 2026 Meeting DM Issues Strict Instructions
Image: Kedarnath Yatra 2026 Meeting DM Issues Strict Instructions

रुद्रप्रयाग: विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा 22 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है। इसे सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

Kedarnath Dham Yatra 2026 Meeting DM Issues Strict Instructions

रुद्रप्रयाग जिले के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता

राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों सिरोबगड़, बांसवाड़ा, जवाड़ी बायपास और सिंकिंग जोन में समयबद्ध उपचारात्मक कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बदरीनाथ रोड को नई टनल से जोड़ने वाले पुल का निर्माण शीघ्र पूरा करने, अतिक्रमण हटाने, डंपिंग जोन चिन्हित करने तथा 15 मार्च तक नालियों का निर्माण, झाड़ियों की कटाई, क्रैश बैरियर व साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए।

शटल सेवा और परिवहन व्यवस्था की समीक्षा

एआरटीओ से ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड की स्थिति की जानकारी ली गई। रात्रिकालीन संचालन में ओवरचार्जिंग, रोड सेफ्टी और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों पर चर्चा हुई। टैक्सी यूनियनों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए।

गौरीकुंड से केदारनाथ पैदल मार्ग पर विशेष प्रबंध

गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर निम्न व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। जिसमें "पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं, यात्री विश्राम गृह, सुरक्षा प्रबंध, वैली ब्रिज और मार्ग चौड़ीकरण, नेटवर्क कनेक्टिविटी, इमरजेंसी हेलिपैड, रैन शेल्टर और सफाई व्यवस्था" शामिल हैं। जोखिमयुक्त पेड़ों की कटान और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी क्षेत्र में दुकानों की समस्याओं पर भी चर्चा की गई।

सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस तैनाती

यात्रा मार्गों और पड़ावों पर पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बाहरी जिलों से आने वाली पुलिस फोर्स के आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मौसम की विषम परिस्थितियों को देखते हुए मेटल डिटेक्टर सहित सुरक्षा उपकरणों के लिए स्थायी स्थान चिन्हित किए जाएंगे।

जी-मैक्स प्रणाली और स्मार्ट कार्ड व्यवस्था

जी-मैक्स प्रणाली के तहत मॉनिटरिंग कैमरा एक्सेस, रियल टाइम वेदर रिपोर्ट, घोड़ा-खच्चर एवं डंडी-कंडी संचालन के लिए स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था की समीक्षा की गई। कैमरा एक्सेस रखने वाले अधिकारियों की सूची को व्यू-ओनली और कंट्रोल एक्सेस श्रेणी में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

बिना पंजीकरण घोड़ा-खच्चरों पर सख्त रोक

यात्रा प्रारंभ से पहले प्रभावी बैरिकेडिंग की जाएगी। बिना पंजीकरण वाले घोड़ा-खच्चरों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ट्रैक रूट पर तीन चेक प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। नियम उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक तैयारी

गुप्तकाशी से केदारनाथ तक 15 अस्पताल संचालित किए जाएंगे। गंभीर मरीजों को हेलीकॉप्टर एंबुलेंस के माध्यम से इवैक्यूएट किया जाएगा।

LED स्क्रीन से मिलेगी लाइव अपडेट

दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए 4-5 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। इन पर टोकन संख्या, मंदिर बंद होने का समय, स्वच्छता संदेश, मौसम की जानकारी और मंदिर के लाइव दृश्य प्रदर्शित किए जाएंगे।