उत्तराखंड में 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू, केदारनाथ-बदरीनाथ में बढ़ा इतना पूजा शुल्क.. जानिए

चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। इस बार केदारनाथ और बदरीनाथ में मोबाइल और फोटोग्राफी पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। साथ ही पूजा शुल्क में 10% तक बढ़ोतरी की गई है और अब तक 6 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं।
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
Kedarnath Badrinath SOP rules: Puja Charges Increased in Kedarnath and Badrinath
Image: Puja Charges Increased in Kedarnath and Badrinath

देहरादून: उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से विधिवत रूप से शुरू होने जा रही है। इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। यात्रा को लेकर राज्य सरकार और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार यात्रा को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Puja Charges Increased in Kedarnath and Badrinath

चारधाम यात्रा को लेकर इस वर्ष श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बीकेटीसी के अनुसार अब तक 6.18 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि इस बार यात्रा में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसके अलावा, कपाट बंद होने के बाद भी 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीतकालीन पूजा स्थलों पर पहुंचकर दर्शन किए, जो धार्मिक आस्था की गहराई को दर्शाता है।

मोबाइल पर सख्त प्रतिबंध

चारधाम यात्रा के दौरान इस बार मंदिरों की पवित्रता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं। बीकेटीसी जल्द ही एक विस्तृत एसओपी जारी करने जा रही है, जिसके तहत केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के मंदिर परिसर और गर्भगृह में मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यहां तक कि वीआईपी श्रद्धालुओं को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिर परिसर के आसपास 50 से 60 मीटर की दूरी तक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस व्यवस्था से दर्शन प्रक्रिया को अधिक सरल और सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। यह निर्णय मंदिरों में अनुशासन बनाए रखने और अनावश्यक भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रस्तावित रोक

बीकेटीसी की हाल ही में हुई बैठक में एक अहम प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसके तहत चारधामों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही गई है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय अभी राज्य सरकार के स्तर पर लिया जाना बाकी है। इस मुद्दे पर सामाजिक और धार्मिक स्तर पर चर्चा भी तेज हो गई है, और सभी की नजर सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी है।

पूजा शुल्क में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

चारधाम यात्रा के दौरान विशेष पूजा कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। बदरीनाथ धाम में पहले महाभिषेक पूजा के लिए प्रति व्यक्ति ₹4700, अभिषेक पूजा के लिए ₹4500, श्रीमद्भागवत पाठ के लिए ₹51,000 और पूरे दिन की पूजा के लिए ₹12,000 निर्धारित थे। वहीं केदारनाथ धाम में महाभिषेक पूजा (पांच व्यक्तियों के लिए) ₹9500 और केदार अभिषेक पूजा ₹7200 में कराई जाती थी। अब इन सभी पूजा शुल्कों में लगभग 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी।

121 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत

चारधाम यात्रा को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए बीकेटीसी ने 121.07 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पास किया है। इस बजट का उपयोग सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाओं, भीड़ प्रबंधन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक बन सकेगी।
चारधाम यात्रा 2026 इस बार कई नए नियमों और सख्त व्यवस्थाओं के साथ शुरू होने जा रही है। मोबाइल बैन, फोटोग्राफी पर रोक और पूजा शुल्क में बढ़ोतरी जैसे फैसले यह दर्शाते हैं कि प्रशासन यात्रा को अधिक अनुशासित, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए गंभीर है।
श्रद्धालुओं के लिए यह जरूरी होगा कि वे यात्रा पर जाने से पहले सभी दिशा-निर्देशों की जानकारी लें और नियमों का पालन करें, ताकि उनका दर्शन अनुभव सहज और सफल हो सके।