Dehradun school News: देहरादून में एक स्कूल का नाम और प्रबंधन रातोंरात बदलने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया। अभिभावकों और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बच्चों को स्कूल न भेजने का ऐलान किया।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
Image: Dehradun school s name changed overnight
देहरादून: देहरादून के रायपुर रोड स्थित सुंदरवाला क्षेत्र में एक अजब-गजब मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल का नाम, प्रबंधन और शिक्षक रातोंरात बदल दिए गए। जब अभिभावक सुबह अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे, तो गेट पर लगा नया बोर्ड देखकर हैरान रह गए। इस अचानक बदलाव से मौके पर हंगामा खड़ा हो गया।
Dehradun School Row: Overnight Name Change Sparks Protest
दरअसल, यह मामला रक्षा अनुसंधान विद्यालय (आरएवी) से जुड़ा है, जहां प्रबंधन बदलकर अब डीएवी पब्लिक स्कूल को संचालन सौंप दिया गया है। इस फैसले की जानकारी पहले से न मिलने के कारण अभिभावकों, छात्रों और कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी गई। सुबह से ही विद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। अभिभावकों और छात्रों ने नए प्रबंधन का विरोध करते हुए स्कूल के गेट पर नारेबाजी की। उन्होंने नए प्रबंधन की प्रधानाचार्य और शिक्षकों को स्कूल में प्रवेश नहीं करने दिया। इतना ही नहीं, गेट पर लगाए गए नए फ्लेक्स भी फाड़ दिए गए। पूरे दिन स्कूल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
बच्चों को स्कूल न भेजने का ऐलान
दोपहर बाद इस मुद्दे पर अभिभावकों, शिक्षकों और प्रबंधन के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद अभिभावकों ने स्पष्ट रूप से ऐलान किया कि जब तक स्थिति साफ नहीं होती, वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। अभिभावकों का कहना है कि उन्हें प्रबंधन परिवर्तन के बारे में पहले कोई जानकारी नहीं दी गई। हाल ही में खरीदी गई किताबें और यूनिफॉर्म अब बेकार हो सकती हैं, क्योंकि नई व्यवस्था के तहत बदलाव की बात सामने आ रही है। साथ ही फीस बढ़ने की आशंका ने भी अभिभावकों को चिंतित कर दिया है। उन्होंने मांग की है कि मौजूदा सत्र में पुरानी व्यवस्था जारी रखी जाए। आगे पढ़िए..
कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
विद्यालय के कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से कार्यरत स्टाफ को बिना किसी सूचना के हटाया जा रहा है। कई कर्मचारी 25 से 30 वर्षों से स्कूल से जुड़े हुए थे। उनका कहना है कि पहले उन्हें बेहतर वेतन और सुविधाएं मिलती थीं, लेकिन अब नई व्यवस्था में उनका भविष्य असुरक्षित हो गया है।
छात्रों ने भी जताया आक्रोश
छात्रों ने भी अभिभावकों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नए प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए स्कूल परिसर में प्रदर्शन किया। इस विरोध के चलते पूरे दिन पढ़ाई प्रभावित रही और अनिश्चितता का माहौल बना रहा। अभिभावकों और कर्मचारियों ने शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।