उत्तराखंड: यहां जमीन लेना कभी आसान था, अब आसमान छू रहे हैं प्रॉपर्टी के रेट; 5 गुना बढ़ गए दाम

Rishikesh अब सिर्फ आध्यात्मिक नगरी नहीं, बल्कि तेजी से उभरता रियल एस्टेट हॉटस्पॉट बन चुका है। गंगा किनारे जमीन के दाम 5000 रुपये से बढ़कर 25000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गए हैं।
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Rishikesh real estate news: Rishikesh Property Prices Surge Rapidly
Image: Rishikesh Property Prices Surge Rapidly

ऋषिकेश: Rishikesh, जो कभी केवल आध्यात्म और शांति के लिए जाना जाता था, अब तेजी से एक बड़े रियल एस्टेट हॉटस्पॉट के रूप में उभर रहा है। खासतौर पर गंगा किनारे बसे विस्थापित इलाके, जिन्हें पहले लोग नजरअंदाज करते थे, आज निवेश के लिहाज से प्राइम प्रॉपर्टी बन चुके हैं। बदलते समय के साथ इन क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है और अब निवेशक व होम बायर्स यहां जमीन खरीदने के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं।

Rishikesh Property Prices Surge Rapidly

लोकल प्रॉपर्टी डीलर नरेश गुप्ता के अनुसार, अगर पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2006-07 के आसपास इन विस्थापित क्षेत्रों में जमीन का सर्किल रेट मात्र 5000 से 5500 रुपये प्रति वर्ग मीटर हुआ करता था। उस समय यह क्षेत्र ऋषिकेश का सबसे किफायती इलाका माना जाता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां तेजी से हुए विकास ने पूरी स्थिति बदल दी है। आज यही सर्किल रेट बढ़कर लगभग 25000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गया है। यानी करीब 4 से 5 गुना तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस क्षेत्र की तेजी से बढ़ती मांग और विकास का संकेत है। आगे पढ़िए..

इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण गंगा किनारे स्थित इन इलाकों का आकर्षण है। आज के समय में लोग केवल घर नहीं, बल्कि लोकेशन और व्यू में भी निवेश कर रहे हैं। गंगा के किनारे रहने का अनुभव अपने आप में खास होता है, जो अब एक प्रीमियम वैल्यू बन चुका है। यही वजह है कि इन इलाकों की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। ऋषिकेश में हर साल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। पर्यटन के बढ़ने से यहां प्रॉपर्टी की मांग भी तेजी से बढ़ी है। निवेशक अब इन क्षेत्रों को न सिर्फ रहने के लिए बल्कि होटल, होमस्टे और रेंटल इनकम के लिहाज से भी देख रहे हैं, जिससे इनकी कीमतों में तेजी आई है। इन क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर का भी तेजी से विकास हुआ है। अब यहां सड़कें बेहतर हो चुकी हैं, बेसिक सुविधाएं उपलब्ध हैं और आसपास के इलाकों में भी तेजी से विकास हुआ है। इन सभी कारणों से यहां रहना और निवेश करना पहले की तुलना में काफी आसान और सुविधाजनक हो गया है।

प्राइम लोकेशन के बराबर पहुंचे दाम

दिलचस्प बात यह है कि अब इन विस्थापित इलाकों की जमीन की कीमतें गंगा नगर और आवास विकास जैसे स्थापित और प्राइम क्षेत्रों के बराबर पहुंच चुकी हैं। हाल ही में सर्किल रेट में लगभग 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी ने इस ट्रेंड को और मजबूत किया है। यह दर्शाता है कि बाजार में इन इलाकों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इन क्षेत्रों में और तेजी से विकास होगा। लगातार बढ़ता पर्यटन, बेहतर कनेक्टिविटी और गंगा किनारे का आकर्षण इन इलाकों को निवेश के लिए एक मजबूत विकल्प बना रहा है। ऐसे में भविष्य में यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में और इजाफा देखने को मिल सकता है।