उत्तराखंड में परिवहन विभाग जल्द ही आधार बेस्ड वेरिफिकेशन सुविधा शुरू करने जा रहा है, जिससे ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कई काम अब घर बैठे ऑनलाइन किए जा सकेंगे। इससे लोगों को RTO के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रिया आसान व पारदर्शी बनेगी।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Driving License Services Go Online in Uttarakhand
देहरादून: उत्तराखंड में अब ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े काम करना पहले के मुकाबले काफी आसान होने जा रहा है। परिवहन विभाग जल्द ही आधार-बेस्ड वेरिफिकेशन की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसके लागू होने के बाद लोगों को आरटीओ और एआरटीओ दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और कई काम घर बैठे ही पूरे हो सकेंगे।
Driving License Services Go Online in Uttarakhand
अब तक की व्यवस्था में ऑनलाइन आवेदन और फीस जमा करने के बावजूद आवेदकों को दस्तावेज सत्यापन, फोटो और बायोमेट्रिक के लिए दफ्तर जाना अनिवार्य था। अक्सर भीड़ या सर्वर की समस्या के कारण लोगों का पूरा दिन खराब हो जाता था। नई व्यवस्था में आधार प्रामाणिकरण के जरिए पहचान स्वत: सत्यापित हो जाएगी, जिससे दफ्तर जाने की बाध्यता खत्म हो जाएगी। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आवेदकों को सारथी पोर्टल पर जाना होगा। यहां उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित अपनी जरूरत के अनुसार सेवा का चयन करना होगा, जैसे रिन्युअल, नाम या पता परिवर्तन, या डुप्लीकेट कॉपी। इसके बाद ऑनलाइन फॉर्म भरकर फीस जमा करनी होगी। फिर आधार नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से आवेदन का सत्यापन करना होगा। आवेदन पूरा होने के बाद इसकी जानकारी सीधे परिवहन विभाग के पास पहुंच जाएगी। आगे पढ़िए..
नई व्यवस्था के तहत लाइसेंस बनने के बाद उसे कोरियर के जरिए सीधे आवेदक के घर भेजा जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग निजी कोरियर कंपनियों के साथ समझौता करने की तैयारी कर रहा है, ताकि समय पर और सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके। आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन रियल टाइम में ट्रैक भी कर सकेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी और लोगों को बार-बार जानकारी के लिए दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि, लर्निंग लाइसेंस और परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ड्राइविंग टेस्ट अभी भी ऑफलाइन ही होगा। इसलिए नया लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों को टेस्ट देने के लिए आरटीओ कार्यालय जाना अनिवार्य रहेगा।
अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह के अनुसार, अगले दो हफ्तों में आधार बेस्ड वेरिफिकेशन की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी और सरकारी सेवाएं पहले से अधिक आसान और पारदर्शी बनेंगी।