नैनीताल के भवाली में खाई में गिरी कार हादसे में पूरा चुफाल परिवार खत्म हो गया। घायल भूपेंद्र मदद के लिए आवाज लगाते रहे, लेकिन एंबुलेंस और मदद समय पर नहीं पहुंच सकी। हादसे ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Five Dead After Car Falls Into Deep Gorge in Nainital
नैनीताल: नैनीताल जिले के भवाली स्थित ढैलागांव के पास गुरुवार दोपहर हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया। एक कार गहरी खाई में गिर गई, जिसमें सवार पूरा चुफाल परिवार खत्म हो गया। हादसे में दो महिलाएं, दो पुरुष और एक बच्चे की मौत हो गई।
Five Dead After Car Falls Into Deep Gorge in Nainital
जानकारी के अनुसार यह हादसा सेनिटोरियम-रातीघाट मोटर मार्ग पर हुआ, जहां लाल रंग की कार अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। खाई में घने पेड़ और दुर्गम रास्ते होने के कारण हादसे का पता काफी देर बाद चल पाया। इस हादसे में खटीमा निवासी 48 वर्षीय Bhupendra Singh Chufal, उनकी पत्नी 45 वर्षीय Seema Kaida Chufal, 19 वर्षीय पुत्र Vasu Chufa, 12 वर्षीय पुत्री Ravi Chufal और 34 वर्षीय चालक Anuj Kumar Mishra निवासी आलमनगर, की दर्दनाक मौत हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे खाई की तरफ से जोरदार आवाज सुनाई दी। शुरुआत में किसी को समझ नहीं आया कि हुआ क्या है। कुछ देर बाद सड़क किनारे फूड वैन लगाने वाले युवक ने बताया कि कोई वाहन खाई में गिर गया है। इसके बाद स्थानीय युवक नितिन, पारस, पंकज कुमार, अमन, सोहित, कमल, विरेंद्र दनाई, सुनील कुमार, पवन सनवाल, हिमांशु बिष्ट और रवि कुमार मौके पर पहुंचे। सभी लोग सड़क से नीचे उतरकर वाहन की तलाश करने लगे। पहले उन्हें कुछ दिखाई नहीं दिया, लेकिन थोड़ी नीचे उतरने पर पेड़ों पर गहरे निशान नजर आए। इससे साफ हो गया कि कोई वाहन खाई में गिरा है।
नीचे का मंजर देखकर कांप उठे लोग
स्थानीय लोग जब और नीचे पहुंचे तो वहां का दृश्य बेहद भयावह था। लाल रंग की कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और उसके परखचे उड़ गए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार में सवार लोग गंभीर हालत में थे। हादसे का मंजर देखकर वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। आगे पढ़िए..
मदद के लिए आवाज लगाते रहे भूपेंद्र
प्रत्यक्षदर्शी नितिन और पारस ने बताया कि कार मालिक भूपेंद्र सिंह चुफाल कार से थोड़ा ऊपर की ओर पहुंचे हुए थे। ऐसा माना जा रहा है कि हादसे के बाद उन्होंने लोगों को आवाज लगाकर मदद मांगने की कोशिश की। लेकिन गहरी खाई, घने जंगल और दुर्गम इलाके के कारण उनकी आवाज ऊपर तक नहीं पहुंच सकी। समय पर मदद न मिलने के कारण वह जिंदगी की जंग हार गए।स्थानीय लोगों का कहना है कि कार चालक की सांसें भी कुछ समय तक चल रही थीं, लेकिन अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण उसकी भी मौत हो गई। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य में देरी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ था, लेकिन दो घंटे तक मौके पर एक भी एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। आखिरकार मृतकों के शवों को निजी वाहनों से भवाली सीएचसी पहुंचाया गया। लोगों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय वाहन चालकों और ग्रामीणों ने बताया कि हादसे वाली जगह पर मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर है। इसी वजह से पुलिस और बचाव टीम को समय पर सूचना नहीं मिल सकी। करीब डेढ़ घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोगों ने रस्सियों की मदद से शवों को खाई से बाहर निकाला।
लाल कार का नाम सुनते ही टूट गए रिश्तेदार
मृतक भूपेंद्र सिंह चुफाल के साले राजेश रावत अपनी पत्नी के साथ स्कूटी से भवाली की तरफ जा रहे थे। परिवार के लोगों का फोन नहीं लगने के कारण वे पहले से ही परेशान थे। ढैलागांव पहुंचने पर उन्होंने सड़क पर भीड़ देखी और लोगों से पूछा कि क्या हुआ है। जब उन्हें पता चला कि लाल रंग की कार खाई में गिरी है और उसमें पांच लोग सवार थे, तो उनके होश उड़ गए। बाद में पुष्टि हुई कि हादसे का शिकार उनका ही परिवार था। यह सुनते ही दोनों बदहवास होकर रोने लगे। वहां मौजूद लोग भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए।
प्रशासन ने जांच के दिए आदेश
सीएमओ नैनीताल डॉ. हरीश पंत ने कहा कि अगर एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे की वजह वाहन से नियंत्रण खोना लग रहा है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से हर कोई स्तब्ध है। स्थानीय लोग प्रशासन से सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।