देहरादून के स्कूल में छात्रा से गैंगरेप..स्कूल की मान्यता रद्द करने का ऐलान

देहरादून के GRD स्कूल में छात्रा से गैंगरेप की घटना ने उत्तराखंड को शर्मसार कर दिया था। अब त्रिवेंद्र सरकार ने इस स्कूल की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए हैं।
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trivendra singh rawat: Trivendra govt action aginest grd public school
Image: Trivendra govt action aginest grd public school

: देहरादून के बोर्डिंग स्कूल में छात्रा के साथ हुए गैंगरेप की वारदात ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। आज हर किसी के जेहन में यही सवाल है कि क्या उनके बच्चे स्कूल में सुरक्षित है। जिस तरह से जीआरडी पब्लिक स्कूल के बोर्डिंग में 10वी की छात्रा के साथ चार छात्रों ने गैंगरेप किया और जिस तरह से स्कूल प्रबंधन ने पूरे मामले को दबाने की कोशिश की उसके बाद अब शासन स्कूल के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मामले को लेकर अपने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि विकासनगर के जीआरडी पब्लिक स्कूल की एनओसी रद्द की जाए। इसके साथ ही स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए सीबीएसई को भी पत्र लिखा है। एक कार्यक्रम में शिरकत के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सख्त शब्दों में कहा कि बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाशत नहीं किया जाएगा।

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गौरतलब है कि मामला विकासनगर के भाऊवाला का है। यहां के जीआरडी पब्लिक स्कूल के बोर्डिंग में दसवीं की छात्रा के साथ चार छात्रों ने गैंगरेप किया। छात्रा की तबीयत खराब होने के बाद मामले का खुलासा हुआ। इससे पहले स्कूल प्रबंधन की तरफ से छात्रा को चुप रहने की धमकी दी गई थी। प्रबंधन ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की। इतना ही नहीं छात्रा का इलाज के दौरान गर्भपात भी करवाया गया। लेकिन तबीयत खराब होने के बाद पीड़िता के परिजनों को मामले की जानकारी हुई। जिसके बाद परिजनों ने स्कूल की लापरवाही और संगीन अपराध छूपाने के लिए स्कूल के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। पीड़िता के पिता के थाना सहसपुर में तहरीर देने के बाद पुलिस ने स्कूल के प्रधानाचार्य जितेंद्र शर्मा, निदेशक लता गुप्ता, प्रशासनिक अधिकारी दीपक, प्रशासनिक अधिकारी की पत्नी तन्नू, आया मंजू के खिलाफ सबूत छिपाने और पोक्सो अधिनियम और दुष्कर्म के आरोपित नाबालिग छात्रों के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर धरपकड़ की।

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इस मामले के खुलासे के बाद से कई समाज सेवी संगठन स्कूल की मान्यता रद्द कर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बता दें कि बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप प्रकरण में एसआईटी ने घटनास्थल का मुआयना कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए है। सोमवार को इन साक्ष्यों को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में पेश किया जाना था, लेकिन सुनवाई टल गई। वही इस गंभीर को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सख्त रवैये ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में बच्चियों की सुरक्षा से कोई समझैता नहीं किया जाएगा। यौन उत्पीड़न के मामलों में तुरंत कार्रवाई होगी। ताकि लोग ऐसे घिनौने अपराध करने से डरे। जीआरडी पब्लिक स्कूल के बोर्डिंग में हुई इस वारदात के बाद यहां पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावक काफी डरे हुए है। बोर्डिंग में रह रहे सभी 52 बच्चों को उनके अभिभावक अपने साथ घर ले जा चुके है।