गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, मदमहेश्वर और तुंगनाथ के कपाट बंद करने की तारीख तय..जानिए

श्री केदारनाथ धाम, मदमहेश्वर धाम और तुंगनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। तारीख और वक्त तय हो गया है। जानिए।
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Chardham yatra: kapat closing ceremony date decided of char dham
Image: kapat closing ceremony date decided of char dham

देहरादून: लाखों करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक भगवान केदारनाथ में इस बार 7 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, तो सभी की बांछें खिल गई। उम्मीद है कि अगली बार एक नया रिकॉर्ड स्थापित होगा। इस बीच शीतकाल के लिए भगवान केदारनाथ, श्री तुंगनाथ धाम और श्री मदमहेश्वर धाम के कपाट बंद करने की तारीख और वक्त तय कर लिया गया है। सबसे पहले आपको केदारनाथ धाम के बारे में बताते हैं। नौ नवंबर को यानी अगले महीने सुबह साढ़े आठ बजे पूरे विधिविधान से केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद बाबा केदारनाथ फाटा से गुप्तकाशी होकर अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके बाद आप अगले 6 महीने के लिए बाबा केदार के दर्शन ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में कर सकेंगे। अब बाकी धामों के बारे में भी जानिए।

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चार धामों में से एक गंगोत्री धाम के कपाट आठ नवंबर को अन्नकूट के पावन पर्व पर शीतकाल के लिए बंद होंगे। इसके बाद शीतकाल में श्रद्धालु मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा स्थित गंगा मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा यमुनोत्री मंदिर के कपाट इसके ठीक अगले दिन नौ नवंबर को भैयादूज के पर्व पर बंद होंगे। यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में अगले 6 महीने के लिए श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। अब बात करते हैं देवभूमि के द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर की। बाबा मदमहेश्वर के कपाट 22 नवंबर को सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद बाबा मदमहेश्वर गोंडार सो रांसी होते हुए ऊखीमठ पहुंचेंगे और अगले 6 महीने के लिए ओंकारेश्वर मंदिर में ही विराजमान होंगे।

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इसके अलावा तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के बारे में भी आपको बता देते हैं। तुंगनाथ धाम के कपाट 29 अक्टूबर को सुबह 10 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। श्री तुंगनाथ महादेव इसके बाद अगले 6 महीने के लिए मक्कूमठ में विराजमान होंगे। दशहरे के मौके पर केदारनाथ, तुंगनाथ और मदमहेश्वर तीनों धामों के कपाट बंद होने की तिथि और वक्त निर्धारित किया गया। पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में पूजा अर्चना के बाद ये वक्त तय किया गया। उधर पंचकेदारों में चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली गोपीनाथ मंदिर पहुंचने वाली है। जगह जगह लोग फूल मालाओं से भगवान रुद्रनाथ का स्वागत कर रहे हैं। सगर गांव में ग्रामीणों ने रुद्रनाथ भगवान को नए अनाज का भोग लगाया। आपको बता दें कि सगर गांव से 24 किलोमीटर की पैदल दूरी पर रुद्रनाथ मंदिर स्थित है। इस बार चार धाम यात्रा में नया ही रिकॉर्ड बनकर तैयार हुआ है।