उत्तराखंड के ऑल वेदर रोड प्रोजक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, सरकार से मांगा जवाब

ऑल वेदर रोड प्रोजक्ट उत्तराखंड के लिए महत्वाकांक्षी योजना है लेकिन अब इस पर सुप्रीम रोक ने रोक लगा दी है।
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Chardham yatra: Supream court stay order on char dham road project
Image: Supream court stay order on char dham road project

: उत्तराखंड के चारों धामों को जोड़ने वाले ऑल वेदर रोड प्रोजक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। दरअसल राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी की ओर से इस परियोजना मंजूरी दी गई थी। एनजीटी ने 26 सितंबर को निगरानी कमेटी का गठन किया था और इस परियोजना को मंजूरी दी थी। उत्तराखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश यूसी ध्यानी की अध्यक्षता ये कमेटी गठित की गई थी। लेकिन अब देहरादून के एनजीओ ग्रीन दून ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। इस पर सुनवाई करते हुई सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। ऑल वेदर रोड प्रोजक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक का आदेश दिया और इसके साथ ही केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई अब 15 नवंबर के दिन गुरुवार को होगी। इस मामले को विस्तार से जानिए।

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दरअसल एनजीटी ने 26 सितंबर को आदेश जारी किया था और इस परियोजना को हरी झंडी दे दी थी। इस बीच कई तरफ से मांग उठी थी कि इससे पर्यावरण को नुकसान हो सकता है। ऐसे में एनजीटी ने इसकी निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया था। लेकिन इसके ठीक बाद एनजीटी में ग्रीन दून और अन्य लोगों द्वारा इस परियोजना को चुनौती दी गई। सभी का कहना था कि इससे पहाड़ों के पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा। संजय पारीख, जो कि याचिकाकर्ता हैं, उनका कहना है कि ये परियोजना बिना किसी पर्यावरण मंजूरी के शुरू हुई है। वन मंजूरी के बिना ही 25000 से ज्यादा पेड़ काटे गए हैं। पर्यावरण के साथ साथ इससे पहाड़ों और गंगा की सहायक नदियों को नुकसान होगा। कहा गया कि मलबे की डंपिंग के लिए कोई व्यवस्था नहीं है और इससे नदियों को ही नुकसान होगा।

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अब सुप्रीम कोर्ट ने इस विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई की और फिलहाल इस प्रोजक्ट पर रोक लगा दी है। ये एक ऐसी परियोजना है, जिसके अंतर्गत उत्तराखंड के चारों पवित्र शहरों का हर मौसम में संपर्क स्थापित रखने का प्रस्ताव था। ये 12 हजार करोड़ रुपये का ड्रीम प्रोजक्ट बताया जा रहा था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक इतना कहा जा सकता है कि 15 नवंबर तक इस प्रोजक्ट पर रोक लग गई है। 15 नवंबर से पहले सरकार को इस बारे में जवाब दाखिल करना है। इस वक्त पहाड़ों में ऑल वेदर रोड का काम तेजी से चल रहा है। जगह जगह सड़कों को चौड़ा कर दिया गया है। सवाल ये भी है कि अगर ये काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया, तो फिर कैसा नुकसान होगा ? अब सभी को इंतजार सरकार के जवाब का है। देखना है कि आगे इस मामल में क्या नया मोड़ आता है।