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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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: क्या पहाड़ में शिक्षा भी साजिश की बिसात का मोहरा बन गई है ? क्या ऐसे भी लोग हैं, जो नहीं चाहते कि पहाड़ में कोई अच्छा संस्थान हो, जहां छात्र आराम से पढ़ाई कर सकें ? क्या NIT के 900 छात्र किसी साजिश का ही शिकार हुए हैं? हर दिन ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है कि और अब कुछ ऐसे बयान सामने आ रहे हैं, जिनसे साबित हो रहा है कि NIT के वो 900 छात्र सिर्फ मोहरा बने हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी...देशभर के 31 संस्थानों में से एक ऐसा संस्थान, जो उत्तराखंड में भी है। हाल ही में NIT को लेकर उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देशभर में राजनीति गर्मा गई है। संस्थान के 900 छात्र कैंपस छोड़कर अपने अपने घरों की ओर लौट गए। सीएम त्रिवेंद्र का कहना है कि इसके पीछे कुछ ऐसे लोगों की साजिश है, जो नहीं चाहते कि पहाड़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तैयार हो।
आज केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर जी से मुलाकात कर एन आई टी श्रीनगर की समस्या पर चर्चा की, शीघ्र होगा निराकरण।
Posted by Anil Baluni on Thursday, October 25, 2018