उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का खुला ऐलान, ‘हर हाल में पहाड़ में ही बनेगा NIT’

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि कुछ लोग पहाड़ से एनआईटी को बाहर ले जाने का सपना देख रहे हैं लेकिन ऐसा किसी भी हाल में नहीं होगा।
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Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

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nit srinagar: trivendra singh rawat on nit srinagar
Image: trivendra singh rawat on nit srinagar

: क्या पहाड़ में शिक्षा भी साजिश की बिसात का मोहरा बन गई है ? क्या ऐसे भी लोग हैं, जो नहीं चाहते कि पहाड़ में कोई अच्छा संस्थान हो, जहां छात्र आराम से पढ़ाई कर सकें ? क्या NIT के 900 छात्र किसी साजिश का ही शिकार हुए हैं? हर दिन ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है कि और अब कुछ ऐसे बयान सामने आ रहे हैं, जिनसे साबित हो रहा है कि NIT के वो 900 छात्र सिर्फ मोहरा बने हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी...देशभर के 31 संस्थानों में से एक ऐसा संस्थान, जो उत्तराखंड में भी है। हाल ही में NIT को लेकर उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देशभर में राजनीति गर्मा गई है। संस्थान के 900 छात्र कैंपस छोड़कर अपने अपने घरों की ओर लौट गए। सीएम त्रिवेंद्र का कहना है कि इसके पीछे कुछ ऐसे लोगों की साजिश है, जो नहीं चाहते कि पहाड़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तैयार हो।

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उन्होंने कहा कि एनआईटी के स्थायी परिसर को हर हाल में यहीं बनाया जाएगा। इसे किसी भी हाल में पहाड़ से बाहर शिफ्ट नहीं होने दिया जाएगा। एनआईटी छोड़कर गए छात्र-छात्राओं के परिजनों की तरफ से भी अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। छात्रों के क्लास में लौटने का इंतजार हो रहा है। आपको बता दें कि ये मामला अब केंद्र सरकार तक भी पहुंच गया है। उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने इस बारे में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से बातचीत की थी। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कह चुके हैं कि एक हफ्ते के भीतर इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा। उधर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसके लिए जलेथा के ग्रामीणों ने 122 एकड़ जमीन दी है।

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उन्होंने भी कहा कि कुछ लोग एनआईटी को पहाड़ से बाहर ले जाने का सपना देख रहे हैं और ये सपना किसी भी हाल में पूरा नहीं होने दिया जाएगा। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाएगा और उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने फिर दोहराया कि कुछ लोग चाह रहे हैं कि NIT को पहाड़ से बाहर कर दिया जाए। अपने निज़ी स्वार्थ के लिए ऐसा सोच रहे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इससे पहले राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की थी। य़े फेसबुक पोस्ट देखिए।

आज केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर जी से मुलाकात कर एन आई टी श्रीनगर की समस्या पर चर्चा की, शीघ्र होगा निराकरण।

Posted by Anil Baluni on Thursday, October 25, 2018