Video: चला गया उत्तराखंड का लाल, मां-बाप की चीख पुकार से गांव में पसरा मातम

नम आंखों से शहीद राजेन्द्र सिंह बुंगला को आखिरी विदाई दी गई। मा-पिता बदहवास हालत में हैं। ये वीडियो देखकर ही आप अंदाजा लगा सकते हैं।
Advertisement जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स

प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails

Example Ads Media
उत्तराखंड शहीद: rajendra singh bungla house in pithiragarh
Image: rajendra singh bungla house in pithiragarh

पिथौरागढ़: शहीद राजेन्द्र सिंह बुंगला की मां के दिल पर क्या गुजर रही होगी ? किल हाल में पिता जी रहे हैं, ये वीडियो देखकर ही आप अंदाजा लगा सकते हैं। पिथौरागढ़ के बडेना गांव के शहीद राजेन्द्र बुंगला का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो मां बदहवास हो गई और पिता बेहोश हो गए। शहीद की तीन बहनों की चीख पुकार से पूरा गांव रोने लगा। हर आंखों में नमी है और अंदर ही अंदर गुस्सा है। एक तरफ लोग बेहोश पिता को होश में लाने की कोशिश कर रहे थे तो दूसरी तरफ मां को महिलाएं संभाले थी। बेटे को लेकर सजाए गए सपने चकनाचूर हो गए तो पिता चंद्र सिंह के मुंह से आवाज निकलनी बंद हो गई। गांव के लोग ये हालत देख नहीं पा रहे और बार बार इस परिवार को ढाढस बंधाने में लगे हैं। ये वीडियो देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

यह भी पढें - उत्तराखंड के सपूत को कश्मीर के पत्थरबाजों ने मारा, अब कहां गए राजनीति करने वाले?
शुक्रवार की रात से शनिवार दिन भर तक बडेना गांव के लोग भूखे रहे। किसी भी घर पर ना तो चूल्हा जला और ना ही भोजन बना। तिरंगे में लिपटा बेटा घर आया तो हर किसी ने उसे सलाम किया। सवाल ये है कि आखिर कब तक उतंतराखंड के सपूत इस तरह कुर्बान होते रहेंगे तो घरों के चिराग बुझते रहेंगे ? ये वीडियो देखिए।

  • Youtube सब्सक्राइब करें: