भाजपा और कांग्रेस प्रचार में आने रहने की कोशिश के साथ ही एक दूसरे के असंतुष्टों को अपने पाले में करने में जुटे हैं। इसी क्रम में रम्पुरा, ट्रांजिट कैंप और बगवाड़ा में कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है...
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कपिल
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Image: Nikay Chunav uttarakhand 3 congress leaders join BJP
: नगर निकाय चुनाव आज से चुनाव प्रेक्षकों की देखरेख में रहेंगे। उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग के स्तर पर 35 प्रेक्षकों को निकाय चुनाव के लिए नियुक्त किया गया है, ये सभी आज से पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएंगे। आज शाम तक ही सभी प्रेक्षक अपने आवंटित क्षेत्रों में उपस्थिति दर्ज करा लेंगे। उत्तराखंड निर्वाचन आयोग द्वारा प्रेक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वो सभी मतगणना समाप्त होने तक अपने क्षेत्रों में ही रहेंगे और हर अहम मामले में आयोग को अपडेट देंगे। इसके साथ ही लाउडस्पीकर से प्रचार के लिए भी उम्मीदवारों के पास अब 2 दिन बचे हैं। अगले 2 दिन उत्तराखंड में निकाय चुनावों का धुआंधार प्रचार देखने को मिलेगा। इसके बाद उम्मीदवारों के पास, 16 नवंबर को शाम पांच बजे प्रचार बंद हो जाने के बावजूद भी, घर-घर जाकर मतदाताओं तक अपनी बात रखने का विकल्प मौजूद होगा। इस सब के बीच उत्तराखंड में दल परिवर्तन की एक बड़ी खबर निकल कर आ रही है।यह भी पढें - उत्तराखंड के लिए गौरवशाली पल, देश का सबसे सुरक्षित शहर बना देहरादून
18 नवम्बर को उत्तराखंड में निकाय चुनाव होने हैं। इस समय सभी पार्टियां निकाय चुनाव में जीत की कोशिशों में जुटी हैं। इसी बीच खबर है कि निकाय चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को तीन वार्डों में जोरदार झटके मिले हैं। उत्तराखंड के रुद्रपुर में बगवाड़ा समिति के पूर्व अध्यक्ष के अलावा नगर उपाध्यक्ष और कांग्रेस के पूर्व सभासद ने अपने दल-बल और समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी में शामिल होने वाले नेता कांग्रेस में टिकट वितरण प्रक्रिया से नाराज होकर पहले ही निकाय चुनाव प्रचार से दूरी बनाए हुए थे। दरअसल भाजपा और कांग्रेस प्रचार में आने रहने की कोशिश के साथ ही एक दूसरे के असंतुष्टों को अपने पाले में करने में जुटे हैं। दोनों ही पार्टियों ने एक दूसरे के कईं असंतुष्ट नेताओं को अपने पाले में करने में सफलता भी हासिल की है। इसी क्रम में रम्पुरा, ट्रांजिट कैंप और बगवाड़ा में कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है... हालांकि इनमें से कईं नेता इसे भी हैं जिनकी बीजेपी में घर वापसी भी हुई है। आगे पढिये चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में किन नेताओं ने दल बदला।
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उत्तराखंड में बीजेपी को नए "हाथ" मिलने के क्रम में, हल्द्वानी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के समक्ष कांग्रेसी नेता भगीरथ लाल चौधरी भाजपा में शामिल हुए। इसके अलावा रुद्रपुर बगवाड़ा में सहकारी समिति के पूर्व अध्यक्ष सरदार विक्रमजीत सिंह ने बीजेपी की सदस्यता ली। रुद्रपुर ट्रांजिट कैंप में हुए कार्यक्रम में कांग्रेस नगर उपाध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, कांग्रेस नेता छेदालाल पाल और पूर्व सभासद हरपाल सिंह अपने दर्जनों समर्थकों के साथ ने समर्थकों के साथ भाजपा का झंडा थाम लिया। बीजेपी मेयर प्रत्याशी रामपाल सिंह और विधायक राजकुमार ठुकराल की उपस्थिति में उन्हें भाजपा की सदस्यता दी गयी। ख़ास बात ये रही कि बीजेपी में शामिल हुए सभी कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली है। देखना ये है कि ऐसे आयोजनों में भाजपा और कांग्रेस की मीडिया में बने रहने की कोशिश निकाय चुनाव में क्या गुल खिलाती है।