काश! कर्णप्रयाग में ऐसा पहले हुआ होता, तो उस बेटी की अस्मत नहीं लुटती

कर्णप्रयाग में पुलिस अब जो कदम उठा रही है, शायद उसे पहले ही कर दिया होता तो शायद ऐसा नहीं होता।
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उत्तराखंड: Police verification in karnprayag
Image: Police verification in karnprayag

चमोली: कर्णप्रयाग में छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना से लोगों में गुस्सा है तो वहीं छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद हरकत में आई पुलिस ने इलाके में रह रहे बाहरी लोगों के सत्यापन का काम शुरू कर दिया है। पुलिस ने अगर बाहरी लोगों के वैरिफिकेशन को लेकर पहले गंभीरता दिखाई होती तो शायद एक छात्रा की जिंदगी तबाह होने से बच जाती। बहरहाल देर से ही सही पुलिस ने वैरिफिकेशन का काम शुरू कर दिया है, ताकि क्षेत्र में रह रहे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की पहचान हो सके।बाहरी लोगों के सत्यापन के लिए पुलिस की तरफ से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत पुलिस का दस्ता अलग-अलग इलाकों में पहुंचा और 13 लोगों का वैरिफिकेशन किया। जिनमें 4 कश्मीर के रहने वाले लोग भी शामिल हैं।

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पुलिस ने आम लोगों से भी अपने आस-पास नजर रखने की अपील की है। साथ ही आपराधिक गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए कहा है, ताकि समय रहते अपराधियों की मंसूबों को नाकाम किया जा सके। बता दें कि 25 दिसंबर को दोस्त संग घूमने गई छात्रा के साथ तीन युवकों ने गैंगरेप किया था। तीनों आरोपी घर-घर जाकर कचरा उठाने का काम करते थे, जांच में पता चला कि तीनों आरोपियों को काम पर रखने से पहले उनका पुलिस वैरिफिकेशन नहीं कराया गया था। बहरहाल घटना से सबक लेते हुए पुलिस ने बाहरी लोगों का डाटा खंगालना शुरू कर दिया है। सवाल ये है कि ये काम पहले क्यों नहीं हुआ ? पहले होता तो उस बेटी की अस्मत बच सकती थी।