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केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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: देवभूमि उत्तराखंड सदियों से साधकों की तपस्थली रही है। इस धरती की दैवीय आभा तपस्वियों को आत्मसाक्षात्कार कराती रही है। यहां के पहाड़ों में आज भी अद्भुत शक्तियों वाले योगियों को ध्यान लगाए देखा जा सकता है। ऐसा ही एक चमत्कार इन दिनों बदरीनाथ धाम में देखने को मिल रहा है। जहां तापमान माइनस 20 डिग्री पर पहुंचने के बावजूद 13 साधू योग-ध्यान में लीन हैं। चारों तरफ गिरी बर्फ और जमा देने वाली ठंड भी इनकी साधना के आगे बेअसर दिखती है। ये साधक नाममात्र के कपड़े पहनकर साधना करते हैं। वस्त्र के नाम पर शरीर पर केवल कंबल लिपटा होता है। कई साधक तो दिगंबर रूप में साधना कर रहे हैं। बदरीनाथ धाम करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। इन दिनों धाम के कपाट बंद हैं, लेकिन प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद 13 साधू अब भी धाम में रह रहे हैं।