अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना, 1 महीने के भीतर ही बनाया नया रिकॉर्ड

25 दिसंबर को शुरू की गई अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना को अभी 1 महीना भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन इसने एक अलग ही रिकॉर्ड बना लिया है।
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उत्तराखंड: Atal ayushman uttarakhand yojna record in uttarakhand
Image: Atal ayushman uttarakhand yojna record in uttarakhand

देहरादून: उत्तराखंड के 23 लाख परिवारों को इस योजना के दायरे में लाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां इनके परिवारों को सालान 5 लाख रुपये के इलाज की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है। इस योजना का असर दिखने लगा है। सूबे में योजना के तहत इलाज कराने वालों की तादाद बढ़ रही है। एक महीने के भीतर ही उत्तराखंड में अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा लोग योजना के तहत गोल्डन कार्ड बना चुके हैं, जो कि अपने आप में बड़ा रिकॉर्ड है। योजना के जरिए गरीबों की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ी है, साथ ही कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का फायदा गरीब मरीजों को मिलने लगा है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य सेवा के तहत देश के दस करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जाएंगी। योजना को लेकर उत्तराखंड के लोगों में खूब उत्साह देखने को मिल रहा है। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में 100 सरकारी और 70 प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती होने पर मरीज को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।

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योजना के तहत गरीब मरीज 1350 रोगों का इलाज करा सकते हैं।देश में इलाज पर होने वाले खर्च की वजह से हर साल सात फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे चली जाती है, ऐसे में सरकार की स्वास्थ्य योजना से गरीबों को बहुत फायदा हुआ है। उत्तराखंड में अगले 3 महीने में योजना के तहत सभी पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि उत्तराखंड में योजना की शुरुआत 25 दिसंबर को दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के मौके पर की गई थी। अटल आयुष्मान योजना के तहत शुरू में उत्तराखंड के 5.37 लाख परिवारों को चिन्हित कर उन्हें गोल्डन कार्ड बांटे जा रहे हैं। इसके बाद 18 लाख परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाना है। जिन्हें हर साल 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज मुहैया कराया जाएगा।