आयुष्मान उत्तराखंड: कार्डधारक को नहीं मिला इलाज, तो CM ऑफिस से लिया गया एक्शन

सरकार गरीबों के लिए आयुष्मान भारत योजना चला रही है, लेकिन निजी अस्पताल सरकार के प्रयासों को कामयाब नहीं होने दे रहे।
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उत्तराखंड: Good news about ayushman uttarakhand
Image: Good news about ayushman uttarakhand

देहरादून: गरीबों को मुफ्त इलाज मुहैय्या कराने के लिए सरकार की तरफ से आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई है, लेकिन प्राइवेट अस्पताल इलाज करने की बजाय गरीब मरीजों को वापस लौटा रहे हैं। जिन मरीजों के पास गोल्डन कार्ड है, उनके इलाज में भी अस्पताल आनाकानी कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला देहरादून में सामने आया है, जहां गोल्डन कार्ड होने के बावजूद निजी अस्पताल ने बीमार महिला का इलाज करने से इनकार कर दिया। बाद में बीमार महिला का पति उसे लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचा और वहां मौजूद अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाई। सीएम के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट ने महिला को इलाज मुहैया कराने के साथ ही मामले की जांच करने की बात कही है। मामला महंत इंदिरेश अस्पताल से जुड़ा है, जिस पर गोल्डन कार्ड होने के बावजूद बीमार महिला का इलाज ना करने का आरोप लगा है।

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गजियावाला में रहने वाले सुरेशचंद्र की पत्नी को किडनी संबंधी बीमारी है। शनिवार को सुरेशचंद्र अपनी पत्नी को इलाज के लिए दून अस्पताल लेकर गया था, जहां से डॉक्टरों ने उसे पहले कोरोनेशन और बाद में महंत इंदिरेश अस्पताल रेफर कर दिया। सुरेशचंद्र का आरोप है कि महंत इंदिरेश अस्पताल में डॉक्टरों ने उससे इलाज के लिए 15 हजार रुपये मांगे, सुरेश ने उनसे कहा कि उसके पास रुपये नहीं हैं। ये सुनते ही डॉक्टरों ने उसे वापस जाने को कह दिया। सुरेश चंद्र के पास गोल्डन कार्ड था, इसके बावजूद उसकी पत्नी का इलाज नहीं हुआ। बाद में सुरेश अपनी बीमार पत्नी को लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और वहां मौजूद अधिकारियों से शिकायत की। जिस पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट ने मामले की जांच करने के साथ ही मरीज का उचित इलाज कराने का आश्वासन दिया है।