उत्तराखंड में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना अब आम लोगों के बीच असर दिखा रही है। इसे लेकर कुछ आंकड़े पेश किए गए हैं।
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आदिशा
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Image: Information about atal ayushman uttarakhand yojna
देहरादून: उत्तराखंड में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। अलग अलग जिलों में लोग गोल्डन कार्ड बनवा रहे हैं। अच्छी बात ये भी है कि अब तक 3000 हजार लोग इस योजना के तहत मुफ्त इलाज भी करवा चुके हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान सीएम ने उत्तराखंड आयुष्मान योजना को लेकर कुछ खास बातें बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना लोगों का रक्षा कवच बनी है। प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को निशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा सालाना 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना में अब तक 11 लाख से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाये जा चुके हैं। करीब 3 हजार लोगों का निशुल्क इलाज किया जा चुका है।
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इसके साथ ही सीएम ने बताया कि साल 2017 तक जहां राज्य में 17 साल में केवल 1123 डॉक्टर तैनात थे, वहीं बीते 17 महीनों में 1137 नए डॉक्टरों की भर्तियां की है। इसके साथ ही सीएम ने बताया कि 26 जनवरी से निशुल्क एयर एंबुलेंस सेवा शुरू कर रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों के लिए ये वरदान साबित होगी। अल्मोड़ा में डायलिसिस सेवा शुरू हो गई है। इसके अलावा पिथौरागढ़, श्रीनगर, कोटद्वार में जल्द शुरू करने वाले हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार राज्य में टेलीमेडिसिन और टेलीरेडियोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकें लाई गई हैं। दरअसल सीएम ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में जीपीएफ ऑनलाइन, उत्तराखण्ड (मोबाईल एप्लीकेशन) का शुभारम्भ किया। NIC और लेखा विभाग द्वारा उत्तराखण्ड के सरकारी कर्मचारियों के लिए GPF की डिटेल्स की पहुँच को सुगम बनाने के लिए ये मोबाइल एप तैयार की गई है।