त्रिवेंद्र सिंह रावत...उत्तराखंड के पहले सीएम, जिन्होंने ऐसा काम कर दिखाया

उत्तराखंड के हित में अगर काम हो...तो ऐसे कामों की तारीफ होनी चाहिए।
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उत्तराखंड: Trivendra singh rawat and atal ayushman uttarakhand
Image: Trivendra singh rawat and atal ayushman uttarakhand

देहरादून: आरोप लगते रहे लेकिन खुद की जुबान हमेशा खामोश रही। दूसरों की भावनाओं का भी सम्मान किया और लोगों का दुख दर्द भी समझा। राजनीति और पत्रकारिता के पुरोधा इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि उत्तराखंड देश का अकेला ऐसा राज्य है, जहां हर परिवार को सालाना 5 लाख के इलाज का खर्च सरकार की तरफ से दिया जा रहा है। धड़ाधड़ गोल्डन कार्ड बन रहे हैं और ज़मीनी स्तर पर लोगों के चेहरे की खुशी देखते ही बनती है। ये काम इतना आसान भी नहीं था। त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी बड़ी योजना को धरातल पर उतारा। इसका रिजल्ट है कि आज की तारीख तक उत्तराखंड के करीब 3 हजार से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। हर कोई जानता है कि उत्तराखंड में गरीबी के चलते में लोग बे-वक्त ही मौत के मुंह में समा जाते थे। खुद त्रिवेंद्र से बेहतर इस बात को कौन जान सकता है कि अपनों को खोने का दर्द क्या होता है। वो इलाज के अभाव में अपने सगे भाई को खो चुके हैं।

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इसलिए अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हर परिवार के लिए सौगात बन रही है। अच्छी बात ये है कि जो लोग महंगे अस्पतालों के चक्कर काटने से डरते थे, आज उनके दिलों में भी हौसला बंधा है। विरोधी खेमा भी जानता है कि ये उत्तराखंड के लिए कालजयी योजना साबित होगी। इसलिए इसके विरोध में कोई सुर नहीं उठा। अब खबर है कि उत्तराखंड में रोजगार की दिशा में बहुत बड़ा काम होने जा रहा है। सीएम त्रिवेंद्र का कहना है कि साल 2020 तक उत्तराखंड में 5000 से ज्यादा होम स्टे तैयार होंगे। इस योजना जुड़े लोगों को घरेलू दरों पर बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। ये एक सपने सरीखा ही था...जो अब सच होने की कगार पर है। अक्सर देखा जाता है कि सीएम त्रिवेंद्र खुद पर लगने वाले आरोपों को लेकर आम तौर पर मौन रहते हैं। पर शांत रहकर भी उनकी तरफ से कुछ ऐसे काम भी हुए हैं, जो उत्तराखंड के लिए सपना सच होने जैसा है।