चार धाम रेल नेटवर्क: ऋषिकेश रेलवे स्टेशन में दिखेगी केदारनाथ धाम की झलक..देखिए

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। परियोजना के तहत बनने वाले रेलवे स्टेशनों में उत्तराखंड के मंदिरों की झलक देखने को मिलेगी।
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Chardham yatra: Information about char dham rail network
Image: Information about char dham rail network

देहरादून: करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक केदारनाथ धाम की प्रतिकृति जल्द ही ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर नजर आएगी। यहां आने वाले यात्री रेलवे स्टेशन पर उत्तराखंड की संस्कृति की झलक देख सकेंगे। इन दिनों ऋषिकेश में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत रेलवे स्टेशन को सजाने का काम चल रहा है। परियोजना के तहत रेलवे स्टेशन के भवन में केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति बनाई जाएगी। ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया गया है। बता दें कि रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य इसी साल अप्रैल-मई में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ऋषिकेश रेलवे स्टेशन को संवारने के बाद इस योजना के तहत दूसरी जगहों पर बनने वाले रेलवे स्टेशनों में भी पहाड़ की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। उत्तराखंड के पारंपरिक भवनों और मंदिरों के निर्माण की शैली में नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे।

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इस रेल परियोजना के तैयार होने के बाद रेल से कर्णप्रयाग तक पहुंचने में करीब ढाई घंटे का वक्त लगेगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। परियोजना के तहत ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 126 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना की खास बात ये है कि रेल लाइन का केवल 21 किलोमीटर तक का हिस्सा ही जमीन की सतह पर दिखेगा, बाकि 105 किलोमीटर रेल लाइन जमीन के नीचे बनी टनल्स से होकर गुजरेगी।
rishikesh railway station kedarnath

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ये रेल परियोजना अपने आप में बेहद खास है, रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के तहत बनने वाले 16 रेलवे स्टेशन, आम रेलवे स्टेशनों से अलग होंगे। हर रेलवे स्टेशन पर पहाड़ी भवनों की निर्माण शैली के साथ ही देवभूमि की संस्कृति और प्राचीन मंदिरों की झलक देखने को मिलेगी। आपको बता दें कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की कुल लंबाई 126 किमी है। परियोजना के तहत 18 सुरंगें बननी है, जिनकी लंबाई 205 किलोमीटर होगी। न्यू ऋषिकेश में स्टेशन निर्माण का काम प्रगति पर है, जबकि दूसरे रेलवे स्टेशनों के मानचित्र को आखिरी रूप दिया जाना बाकी है। रेलवे परियोजना का काम साल 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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