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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: हड़ताल के लिए मनमानी पर उतरे उत्तराखंड के कर्मचारियों पर त्रिवेंद्र सरकार की सख्ती का असर दिख रहा है। एक तरफ त्रिवेंद्र सरकार कर्मचारियों की मांगों पर उचित रास्ता निकाल रही है, दूसरी तरफ नो वर्क नो पे का सख्त संदेश भी कर्मचारियों को दिया जा रहा है। इसी का असर है कि आज सचिवालय में कर्मचारियों की रिकॉर्ड अटेंडेंस दर्ज की गई। बायोमेट्रिक मशीन की अटेंडेंस रिपोर्ट के अनुसार पिछले 4 दिनों में आज कर्मचारियों की उपस्थिति सबसे ज्यादा रही। सीएम त्रिवेंद्र पहले भी कह चुके हैं कि उत्तराखंड को हड़ताली प्रदेश नहीं बनने दिया जाएगा। फिर भी कर्मचारी बार बार हड़ताल की धमकी देकर राज्य की व्यवस्था को पटरी से उतारना चाहते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने नो वर्क नो पे की सख्त पॉलिसी बनाई है। सरकार के सख्त रुख के आगे हड़ताल पर आमादा कर्माचारियों के तेवर ठंडे पड़ते जा रहे हैं।