स्वास्थ्य विभाग ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कमर कस ली है। बदरीनाथ और केदारनाथ में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर बनेंगे...जानिए इसकी खासियत
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कोमल नेगी
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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Hyperbaric Oxygen Chamber IN BADRINATH KEDARNATH TEMPLE
: चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। यात्रा के दौरान यात्री सुरक्षित रहें और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना ना करना पड़े इसके लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष तैयारी कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर स्थापित करने की योजना बनाई है...ऐसा होने के बाद यात्रियों को आपातस्थिति में बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल पाएगी, जिससे उनकी जान बचाना संभव होगा। बता दें कि चारधाम यात्रा बेहद कठिन यात्रा है। ऊंचे पर्वतीय इलाकों में ऑक्सीजन की कमी की वजह से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बदरीनाथ-केदारनाथ की ऊंचाई साढ़े 11 हजार फीट है, ऐसे में यहां अक्सर ऑक्सीजन की कमी बनी रहती है। पिछले सालों में कई लोग हार्ट अटैक और सांस संबंधी दिक्कतों के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं, अब ऐसा ना हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। आगे जानिए इन हाइपरबेरिक ऑक्सीडन चैंबर की खासियत
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इन चैंबर्स की बदौलत किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु खुद को सामान्य रख सकेंगे। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रविंद्र थपिलयाल ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बदरीनाथ और केदारनाथ में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर बनवाए जा रहे हैं। इसमें ऑक्सीजन का प्रेशर मेंटेन रखा जाएगा। यहां पर जाकर इस तरह के लक्षण वाले व्यक्ति सामान्य महसूस कर सकेंगे। इसके साथ ही चारधाम यात्रा रूट पर 30 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती होगी, जबकि कुल 84 डॉक्टर्स को रोटेशन प्रणाली के तहत तैनात किया जा रहा है। हाई एल्टीट्यूड मेडिकल कैंप लगाने वाला एनजीओ सिक्स सिग्मा हेल्थ केयर इस बार केदारनाथ के साथ ही बदरीनाथ में भी अपनी सेवा देगा। उम्मीद है स्वास्थ्य विभाग की इस पहल के अच्छे रिजल्ट देखने को मिलेंगे, यात्रा पर आने वाले यात्री यहां से अच्छे अनुभव लेकर लौटेंगे।
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केदारनाथ धाम के पैदल यात्रा पड़ाव पर वार्म रूम भी तैयार किए गए हैं, ताकि ठंड की वजह से तबियत बिगड़ने के दौरान यात्री इनका इस्तेमाल कर सकें। हॉर्ट पेशेंट के लिए ये काफी मददगार साबित होंगे। हजारों फीट की ऊंचाई पर स्थित चारधामों के दर्शन के दौरान कई बार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल पाती, जिस वजह से उनकी जान तक चली जाती है। जिन लोगों को हॉर्ट या सांस संबंधी परेशानी है उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बीते आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2017 में चारधाम यात्रा के दौरान 112 यात्रियों की जान चली गई थी, जबकि 2018 में 106 लोगों की मौत हुई। इन मामलों से सबक लेते हुए स्वास्थ्य विभाग बदरीनाथ व केदारनाथ में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर स्थापित करेगा।