रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे हिमालय के चारों धाम, चारधाम यात्रा में यहां बनेंगे रेलवे स्टेशन

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम प्रगति पर है, इसके साथ ही चारधाम को रेल परियोजना से जोड़ने का काम भी शुरू हो गया है।
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Chardham yatra: chardham yatra uttarakhand railway stations
Image: chardham yatra uttarakhand railway stations

: पहाड़ के लोग सालों से ट्रेन की छुक-छुक सुनने का इंतजार कर रहे हैं...इन सपनों के साकार होने की उम्मीद उस वक्त बलवती हुई, जब ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को मंजूरी मिल गई...पहाड़वासियों के लिए एक और अच्छी खबर है, जल्द ही उत्तराखंड के चारों धाम बदरीनाथ-केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री रेल सेवा से जुड़ जाएंगे, भारतीय रेलवे ने हिमालय के प्रसिद्ध चारधामों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए फाइनल लोकेशन और एलाइनमेंट सर्वे हो चुका है, जिसे अब सरकार को अनुमोदन के लिए भेजा जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 46 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। रेल विकास निगम के प्रयासों से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम काफी हद तक आगे बढ़ चुका है, इसके साथ ही चारधामों को एक-दूसरे से जोड़ने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। चलिए अब आपको बताते हैं कि चारधाम यात्रा रूट पर कहां-कहां रेलवे स्टेशन बनेंगे। बदरीनाथ ट्रैक पर साईंकोट के बाद त्रिपक, तरतोली (पीपलकोटी) हेलंग व जोशीमठ रेलवे स्टेशन होंगे। जबकि केदारनाथ रेल ट्रैक पर बड़ोती, चोपता, मक्कूमठ, मढ़ाली व सोनप्रयाग रेलवे स्टेशन बनेंगे। इसी तरह गंगोत्री व यमुनोत्री के लिए डोईवाला रेलवे स्टेशन से सीधे मातली के लिए रेल लाइन बिछाई जाएगी। डोईवाला के बाद भानियावाला, रानीपोखरी, जाजल, मरोड़ा, कंडीसौड़, सरोत, चिन्यालीसौड़, डुंडा व मातली रेलवे स्टेशन होंगे। गंगोत्री के लिए मातली के बाद आखिरी रेलवे स्टेशन मनेरी (नैताला) होगा। यमुनोत्री के लिए मातली से रेल लाइन बडक़ोट नंदगांव तक जाएगी।

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रेल विकास निगम ने उत्तराखंड के चारों धाम को रेल नेटवर्क से जोडऩे के लिए सर्वे कराया है। तुर्की की कंपनी युक्सल प्रोजे ने रेलवे रूट का सर्वे किया। डिजिटल टैरेन मॉडल (डीटीएम) विधि से किए गए इस सर्वे में रिमोट सेंसिंग इंस्टीट्यूट हैदराबाद की मदद ली गई। जबकि, सर्वे के लिए सेटेलाइट इमेजरी अमेरिका से ली गई है। चारधाम रेल नेटवर्क के लिए कार्यदायी संस्था ने दो चरणों में 30 अलग-अलग एलाइनमेंट तैयार किए हैं। सबसे पहले बात करते हैं बदरीनाथ और केदारनाथ धाम की...इन दोनों धाम के रेल नेटवर्क को ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से ही आगे बढ़ाया जाएगा। जबकि गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के लिए डोईवाला रेलवे स्टेशन से अलग रेल लाइन बिछाई जाएगी। परियोजना अधिकारियों के मुताबिक जिस फाइनल एलाइनमेंट के सर्वे को चयनित किया गया है, उसमें यह ध्यान रखा गया है कि रेल लाइन ज्यादा से ज्यादा आबादी वाले क्षेत्र को जोड़ते हुए आगे बढ़े। रेल लाइन में स्टेशन भी तय कर दिए गए हैं। चारधाम के रेल नेटवर्क से जुड़ने के कई फायदे होंगे। इससे चारधाम यात्रा सुगम होगी, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, उन्हें नौकरी के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।