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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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: हिमालय की गोद में स्थित है देवभूमि का पावन बदरीनाथ धाम, जहां भगवान विष्णु ने नर और नारायण के रूप में तपस्या की... कहते हैं बदरीनाथ में एक दिन की तपस्या का फल एक हज़ार साल की तपस्या के समान माना जाता है, यही वजह है कि यहां पर पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। चारधाम यात्रा के शुरू होने के साथ ही बदरीनाथ धाम में श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचने लगे हैं। श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के साथ ही धाम में स्थित अन्य धार्मिक स्थलों के भी दर्शन कर रहे हैं। माणा रोड पर स्थित शेष नेत्र झील और शेष नेत्र शिला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। शेष नेत्र झील नारायण पर्वत की तलहटी में स्थित है। शेष नेत्र झील और शिला को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि जब भगवान विष्णु भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम में रहने आ रहे थे तो शेषनाग ने भी बदरीनाथ धाम में आने का आग्रह किया। तब भगवान विष्णु ने शेषनाग से कहा था कि आप नाग के रूप में भू बैकुंठ बदरीनाथ में रहेंगे तो मनुष्य आपके विशाल रूप को देखकर डरेंगे। ऐसे में आपके डर से लोग बदरीनाथ धाम नहीं पहुंचेंगे।