कबाड़ के काम की आड़ में मंदिरों में सेंध लगाने वाले गिरोह के पांच चोर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उत्तराखंड के लोगों के लिए सचेत करने वाली खबर है
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कोमल नेगी
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Image: police arrested 5 people in tehri garhwal
टिहरी गढ़वाल: पहाड़ के लोगों सावधान हो जाओ...देवभूमि के मंदिर बाहर से आए असामाजिक तत्वों के निशाने पर हैं, निचले इलाकों से आए ये बहरूपिए दिन में कबाड़ बीनने का काम करते हैं..इसी दौरान ये मंदिरों की रैकी करते हैं और रात होते ही मंदिरों में रखी कीमती मूर्तियां, सामान और घंटियां लेकर फरार हो जाते हैं। गिरफ्तार आरोपियों का नाम सुलेमान, वाजिद, अलीम अहमद, शहजाद, और नईम बताया जा रहा है, ये सभी हरिद्वार के भगवानपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। टिहरी में पुलिस ने मंदिरों में चोरी करने वाले ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश किया है। पकड़े गए आरोपी कबाड़ के काम की आड़ में टिहरी और उत्तरकाशी के मंदिरों से मूर्ति और घंटियां चोरी करते थे। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, ये गिरोह पिछले दो महीने में टिहरी जिले के कई मंदिरों में चोरी कर चुका है...अपनी योजना को ये गिरोह बड़े शातिराना ढंग से अंजाम दे रहा था। पुलिस ने इनके पास से 90 पीतल के घंटे और दो तमंचे बरामद किए हैं।
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चलिए अब आपको बताते हैं कि आरोपी कैसे पकड़े गए, दरअसल पिछले दो महीने से घनसाली इलाके के मंदिरों में लगातार चोरियां हो रही थी। रात गहराते ही चोर मंदिरों में दाखिल होते और वहां रखी मूर्तियां, घंटियां और दूसरे सामान पर हाथ साफ कर चले जाते। चोरियों के खुलासे की जिम्मेदारी एसओजी टिहरी और घनसाली पुलिस को दी गई। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि हरिद्वार जिले के भगवानपुर के रहने वाले कुछ लोग पहाड़ों के मंदिरों और मोबाइल टावरों में चोरी के काम पर लगे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने बाहरी लोगों पर नजर रखनी शुरू कर दी। गुरुवार शाम पुलिस ने मुखबीर से मिली सूचना पर एक पिकअप वाहन को चेकिंग के लिए रोका, तो उसमें मंदिरों से चोरी हुआ सामान रखा मिला। चोरों के पास से 90 पीतल के घंटे, अष्टधातु से बनी शिव की मूर्ति, चांदी के आभूषण, दुर्गा की अष्टधातु की मूर्ति के साथ ही कांसे और पीतल के बर्तन भी मिले हैं।
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इनके पास से पुलिस ने तमंचे और कारतूस भी बरामद किए हैं, ऐसे में आप समझ सकते हैं कि ये अपराधी कितने खतरनाक इरादों के साथ देवभूमि में चोरी कर रहे थे। पांचो चोर दिन भर कूड़ा उठाने के बहाने सुनसान इलाकों वाले मंदिरों की रैकी कर लेते थे। रात को मौका मिलते ही आभूषणों पर हाथ साफ कर फरार हो जाते थे। अब ये पांचों पुलिस की गिरफ्त में हैं, पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया, पर बड़ा सवाल अब भी यही है कि पहाड़ों में कबाड़ के काम, फेरी और दूसरे कामों के लिए आने वाले बाहरी लोगों के पुलिस वैरिफिकेशन के लिए प्रशासन कब गंभीर होगा। काम की आड़ में कई शातिर अपराधी यहां आकर लोगों को लूट रहे हैं, बहू-बेटियों के साथ गलत हरकतें कर रहे हैं, ऐसे अपराधी प्रवृत्ति वालों की वजह से देवभूमि की शांति खतरे में है...अगर हम अब भी नहीं संभले तो शायद फिर कभी नहीं संभल पाएंगे।