पहाड़ का युवक मलेशिया में बंधक..रिहाई के लिए दूतावास में गुहार लगा रहे परिजन

बागेश्वर के वीरेंद्र को मलेशिया में बंधक बना लिया गया है, पिछले 10 दिन से उसके बारे में कोई सूचना नहीं मिली है...
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वीरेंद्र आर्य: virendra arya bageshwar hostage in Malaysia
Image: virendra arya bageshwar hostage in Malaysia

बागेश्वर: पलायन पहाड़ का दुर्भाग्य है। हर साल यहां के सैकड़ों युवा रोजी-रोटी की तलाश मे विदेश जाते हैं, पर इनमें से केवल कुछ ही खुशकिस्मत होते हैं जो सफल हो पाते हैं...बाकि लोगों की जिंदगी तो किसी जहन्नुम से कम नहीं होती। बागेश्वर का रहने वाला वीरेंद्र आर्या भी ऐसे ही बदकिस्मत लोगों में से है...वो परिवार की जिंदगी संवारने के लिए मलेशिया गया था, लेकिन वहां से लौटा नहीं। वीरेंद्र को मलेशिया में बंधक बना लिया गया है। परिजन सरकार से मदद मांग रहे हैं, सरकार ने युवक की रिहाई के लिए कोशिशें भी शुरू की हैं, पर इन कोशिशों में रफ्तार नहीं है। परिजनों को डर है कि कहीं इस दौरान उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी ना हो जाए। वो डरे हुए हैं और ऐसा होना लाजिमी भी है। पूरा मामला क्या है चलिए आपको बताते हैं। भकुनखोला में रहने वाला 24 साल का वीरेंद्र बीते 25 जनवरी से मलेशिया में है। परिजनों ने बताया कि वीरेंद्र को मलेशिया में बंधक बना लिया गया है। इमीग्रेशन वालों ने या फिर किसी एजेंट ने वीरेंद्र को बंधक बनाकर रखा हुआ है।

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पिछले दस दिन से उनका वीरेंद्र से संपर्क भी नहीं हो पाया। वीरेंद्र के पिता किशनराम ने बताया कि कई दिन पहले जब उनकी बेटे से बात हुई थी तो वो बेहद डरा हुआ था। उन्हें तभी पता चला कि वीरेंद्र को बंधक बना लिया गया है। परिजनों ने बताया कि वीरेंद्र को इंडिया के कुछ एजेंट्स ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। उन्होंने कहा था कि वीरेंद्र को सैलरी के तौर पर हर महीने 30 से 40 हजार रुपये मिलेंगे। एजेंट्स ने वीरेंद्र से 4 लाख रुपये भी ठग लिए। बीते 3 जून से उन्हें वीरेंद्र की कोई खबर नहीं मिल पाई है। वीरेंद्र से उनकी बात नहीं हो सकी, ना ही वीरेंद्र ने परिजनों से संपर्क किया। तब से वो बेहद डरे हुए हैं। परिजनों ने सरकार से मदद भी मांगी है, पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है, पर वीरेंद्र की अब तक कोई खबर नहीं मिली। परिजनों ने पुलिस पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बावजूद आरोपी एजेंट प्रवेश ठाकुर को अब तक नहीं पकड़ा गया, उसके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। वहीं डीएम बागेश्वर रंजना राजगुरु ने कहा कि मामले की सूचना गृह मंत्रालय को दे दी गई है, पुलिस को भी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।