टिहरी में भारी बारिश के बाद तबाही, 18 घरों में घुसा मलबा..SDM साहब ने फोन तक नहीं उठाया

टिहरी में बारिश से हुई तबाही की दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, यहां 18 घरों में मलबा जमा है, ग्रामीण डरे हुए हैं...
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उत्तराखंड न्यूज: tehri garhwal kotiyara village land slide
Image: tehri garhwal kotiyara village land slide

: उत्तराखंड में आसमान से बारिश नहीं, आफत बरस रही है। बारिश से हुई तबाही की जैसी तस्वीरें टिहरी से सामने आई हैं, उसे देख आपका भी कलेजा कांप उठेगा। यहां घनसाली में एक गांव के ऊपर अचानक मलबा आ गया। ये मलबा 18 घरों में घुस गया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने किसी तरह घर से बाहर निकल कर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों के घरों में अब भी मलबा जमा है। लोग डरे हुए हैं, घरों में हर तरफ मलबा और कीचड़ फैला हुआ है। कई घरों के दरवाजों के बाहर मलबे की मोटी परत जमा है, जिसे हटाने में ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। लोग बर्तनों में मिट्टी जमा कर-कर के बाहर फेंक रहे हैं। घटना घनसाली पट्टी केमर के कोटियाड़ा गांव की है, जहां तड़के 4 बजे लोगों के घरों में मलबा घुस गया। जिस वक्त ये हुआ, उस वक्त लोग गहरी नींद में सो रहे थे, तभी अचानक घरों में मिट्टी भरने लगी। डरे हुए लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए।

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इसके बाद उन्होंने तबाही का जो मंजर देखा उसे देख उनके होश उड़ गए। गांव में भगदड़ मच गई। गांव के कुल 18 घरों में मलबा जमा है, हालांकि राहत वाली बात ये है कि जनहानि की कोई सूचना नहीं है। मवेशियों को भी ग्रामीणों ने किसी तरह बचा लिया। अमर उजाला की खबर के मुताबिक ग्रामीणों ने बताया कि गांव में तबाही के बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को फोन किया था। पर मौके पर पहुंचना तो दूर अधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाया। एसडीएम और पटवारी के फोन नहीं उठे। कहीं से मदद नहीं मिली तो प्रभावित परिवार गवाना तोक में गए और वहां लोगों के घरों में शरण ली। अभी तक कोई भी जनप्रतिनिधि प्रभावित क्षेत्र में नहीं पहुंचा है। आपको बता दें कि 28 मई 2016 में भी इस गांव के ऊपर बादल फटा था। तब भी यहां खूब तबाही हुई थी। 72 घर जमींदोज हो गए थे। आपदा प्रभावितों को दूसरी जगह बसाया जाना था, लेकिन प्रभावितों का विस्थापन अब तक नहीं हुआ।