देहरादून की इन 11 जगहों पर प्रॉपर्टी खरीदना फायदे का सौदा, 100 करोड़ के बजट से संवरेगी सूरत

देहरादून में अगर आप प्रॉपर्टीतलाश रहे हैं, तो ये 11 जगहें आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती हैं।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Property in Uttarakhand: cheap property in dehradun house and land
Image: cheap property in dehradun house and land

: देहरादून में प्रॉपर्टीखरीदना हर किसी का सपना है लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी बात ये है कि आखिर प्रॉपर्टी कहां खरीदी जाए। जाहिर है कि वहां , जहां कीमतें कम हों और आने वाले वक्त में काफी डेवलपमेंट हो।कहने को देहरादून प्रदेश की राजधानी है, लेकिन देहरादून के आस-पास स्थित कई गांव आज भी विकास से महरूम हैं। एक कहावत है ना चिराग तले अंधेरा, ये कहावत दून घाटी के आस-पास बसे गांवों पर एकदम फिट बैठती है। प्रदेश सरकार अब इन गांवो को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है। रानीपोखरी के 11 गांवो को सुविधा संपन्न बनाया जाएगा। डॉ. श्यामा मुखर्जी रूर्बन मिशन के तहत रानीपोखरी क्षेत्र के 11 गांवों को विकसित कर शहर बनाया जाएगा। गांवों के विकास पर कुल 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिसमें से 30 करोड़ रुपये की सहायता केंद्र से मिलेगी, जबकि 70 करोड़ रुपये विभाग खर्च करेगा। रुर्बन मिशन के तहत किन-किन गांवों में काम होना है, ये भी जान लें। इन गांवों में रानीपोखरी ग्रांट, रानीपोखरी मौजा, माजरी ग्रांट, रैनापुर, गडूल गांव, रखवाल गांव, कोडसी, बागी, सारंदरवाला, भोगपुर और जीवनवाला गांव शामिल हैं।

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योजना के तहत गांवों में क्या-क्या काम होगा, ये भी जानिए। इन 11 गांवों को शहरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। गांवों में सिंचाई, बागवानी संबंधी काम होंगे। 24 घंटे बिजली-पानी की सप्लाई होगी। सड़कें दुरुस्त होंगी। लोगों का आर्थिक स्तर सुधारने के लिए काम होंगे। विभाग और एनजीओ की मदद से ट्रेनिंग प्रोग्राम संचालित होंगे। इस वक्त गांव के लोगों को मशरूम उगाने और उसकी बिक्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। फिलहाल योजना के तहत रानीपोखरी कलस्टर के गांवों में काम शुरू किया जा रहा है, जल्द ही दूसरे क्षेत्रों में भी गांवों को इसी तरह विकसित किया जाएगा। आपको बता दें कि इस योजना के तहत पहले डोईवाला नगर पंचायत से सटे कुछ गांवों को भी चिन्हित किया गया था। वहां पर काम भी शुरू हो गया था। पर परिसीमन के तहत भानियावाला, अठूरवाला जैसे गांव नगर पंचायत में शामिल हो गए, जिस वजह से यहां काम रोक दिए गए थे। रानीपोखरी के बाद दूसरे क्षेत्रों में भी गांवों के विकास के लिए काम होंगे।