बड़ी खबर: बदरीनाथ हाईवे फिर से बंद, पांडुकेश्वर में फंसे सैकड़ों यात्री

लामबगड़ में भूस्खलन की वजह से बदरीनाथ हाईवे फिर बंद हो गया, सैकड़ों यात्री पांडुकेश्वर में फंसे हैं...
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Chardham yatra 2019: Badrinath Highway closed in lambagar
Image: Badrinath Highway closed in lambagar

चमोली: चमोली का लामबगड़ भूस्खलन जोन चारधाम यात्रा के लिये नासूर बन गया है। भूस्खलन थम नहीं रहा, लामबगड़ में भारी बोल्डर और मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे बंद है। सैकड़ों श्रद्धालु रास्ते में फंसे हैं। खराब मौसम की वजह से हाईवे की मरम्मत के काम में मुश्किल हो रही है। पिछले कई दिन से हालात खराब हैं। रास्ता खुल नहीं रहा। रास्ते में फंसे श्रद्धालुओं को गोविंदघाट और पांडुकेश्वर में रोका गया है। लामबगड़ भूस्खलन जोन है, पिछले दो दशक से यहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। हाल में हुई बारिश के बाद स्लाइड के ऊपर पड़ी दरार का आधा हिस्सा टूट गया। जिस वजह से हाईवे फिर बंद हो गया। कुछ समय पहले यहां पैदल रास्ता बनाया गया था, ताकि यात्रियों की आवाजाही हो सके, पर अब ये रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं एनएच अधिकारियों का कहना है कि हाईवे को खुलने में अभी वक्त लगेगा।

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बदरीनाथ हाईवे पिछले पांच दिन से बंद है। सोमवार को केवल ढाई घंटे ही वाहनों की आवाजाही हो पाई। शाम 4 बजे हाईवे फिर बंद हो गया। 750 यात्रियों को प्रशासन ने पांडुकेश्वर में रोका हुआ है। हाईवे बंद होने से बदरीनाथ यात्रा बाधित है पर केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से लोग हलकान हैं, आए दिन हादसे हो रहे हैं। अल्मोड़ा के जाजर गांव में तेज बारिश के चलते एक मकान ढह गया। हादसे में 19 साल की युवती और दो मवेशियों की मलबे में दब कर मौत हो गई। घर में सोए दूसरे लोगों को ग्रामीणों किसी तरह बचा लिया। मंगलवार को भी प्रदेशभर में बारिश का दौर जारी रहा। रुद्रप्रयाग और केदारनाथ में सुबह से बारिश हो रही है। चमोली में भी बारिश का दौर जारी है। उत्तराखंड में मौसम खराब है, ऐसे में अपना ध्यान रखें। पहाड़ की यात्रा करते वक्त सतर्क रहें।