कुपोषण को दूर करने की बड़ी पहल...मुख्यमंत्री, विधानसभाध्यक्ष, मंत्री, विधायक, मेयर व अधिकारियों ने गोद लिए कुपोषित बच्चे। देखिए वीडियो
-
आदिशा
-
Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
Image: CM TRIVENDRA SINGH RAWAT GOD ABHIYAN
देहरादून: ये एक अच्छी कोशिश है। सीएम त्रिवेन्द्र ने योगिता नाम की मासूम बच्ची को गोद लिया है। सिर्फ सीएम ही नहीं बल्कि उत्तराखंड में हर मंत्री और विधायक 1600 कुपोषित बच्चियों को गोद लेगें। किसने किसे गोद लिया है, पहले इस पर एक नजर डालिएय..मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने योगिता पुत्री रेखा, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने अनिषा पुत्री गुड़िया, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने निहारिका पुत्री सीमा को गोद लेकर उन्हें कुपोषण से मुक्त कराने की जिम्मेवारी ली। उत्तराखण्ड में कुपोषण से मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की पहल पर बड़ी शुरुआत की गई है। पोषण अभियान 2019 के अंतर्गत ‘‘कुपोषण मुक्ति हेतु गोद अभियान’’ की शुरूआत हुई। इसमें प्रदेश में चिन्हित 1600 अति कुपोषित बच्चों को मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों, उद्योगपतियों व अन्य समाजसेवियों द्वारा गोद लिया जाएगा। आगे देखिए वीडियो
यह भी पढ़ें - देहरादून में 6 सितंबर को रोजगार मेला, सीधे इंटरव्यू के जरिए भर्ती..जानिए खास बातें
सीएम आवास में अभियान के शुभारम्भ के अवसर पर 20 बच्चों को गोद लिया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हमें समाज की शक्ति को पहचानना चाहिए। किसी भी समस्या का हल समाज की भागीदारी से हो सकता है। हमारे पूर्वजों ने समाज की ताकत को पहचाना था।
सही पोषण, देश रोशनयोगिता नाम की कुपोषित बच्ची को कुपोषण से बाहर लाने की जिम्मेदारी मेरी है। सभी जन प्रतिनिधि, अफसर कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उन्हें कुपोषण से बाहर लाने के प्रयास करेंगे।
"सही पोषण, देश रोशन"
Narendra Modi
Posted by Trivendra Singh Rawat on Tuesday, September 3, 2019
हमें भी यह देखना होगा कि कैसे समाज की शक्ति का उपयोग किया जा सकता है। इस दौरान सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश में कक्षा 9 से 12 तक की बालिकाओं का हिमोग्लोबिन टेस्ट कराया जाएगा। वर्ष 2022 तक प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को पक्का भवन युक्त किया जाएगा। प्रत्येक राशनकार्ड पर 2 किग्रा दाल उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि ‘‘कुपोषण मुक्ति हेतु गोद अभियान’’ का कार्यक्रम दिव्य और पुनीत कार्य के लिए है। उन्होंने कहा कि कुपोषण से मुक्ति की चुनौती स्वीकार कर हम आगे बढ़ेंगे।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यदि कुपोषण से लड़ना है तो इसकी शुरूआत गर्भवती महिला से होना जरूरी है। उनको पर्याप्त पोषण मिले, इसके लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों में उनका पंजीकरण होना जरूरी है।
विधायक गणेश जोशी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास द्वारा मसूरी विधानसभा के सभी अति कुपोषित बच्चों एवं कुपोषित बच्चों की लिस्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी। इन बच्चों को वे स्वयं एवं विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से गोद लेकर उन्हें कुपोषण से मुक्त करने का प्रयास करेंगे। इस दौरान
मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि प्रदेश में कुपोषण से मुक्ति हेतु गोद अभियान जैसे नेक कार्य का शुभारम्भ हुआ है। कुपोषण एक बहुत बड़ा अभिशाप है, इसकी मुक्ति के लिए विशेष प्रयासों की जरूरत हैं। इस मौके पर सचिव सौजन्या ने कहा कि मार्च 2018 में पोषण अभियान की शुरुआत की गई। साथ ही अभियान के तहत वर्ष 2022 तक छह साल तक की आयु के बच्चों में कुपोषण का स्तर 38.4 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया।