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Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
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देहरादून: कुपोषण एक अभिशाप है। इससे निपटने के लिए रणनीतियां बनती हैं, बहस होती है, अभियान चलते हैं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता। इन अभियानों की हकीकत क्या है, इसका अंदाजा आप यूं लगा सकते हैं कि उत्तराखंड में 17 हजार कुपोषित बच्चे हैं। यही नहीं 1600 बच्चे ऐसे हैं, जो अति कुपोषित कैटेगरी में आते हैं। शुक्र है प्रदेश सरकार अब कुपोषण से निपटने के लिए कारगर कदम उठाने जा रही है। अब उत्तराखंड का हर मंत्री और अधिकारी एक कुपोषित बच्चे को गोद लेगा। उसके पोषण का ध्यान रखेगा। कुपोषण के खिलाफ त्रिवेंद्र सरकार की जंग जारी है। इस जंग में अब प्रशासनिक अमले और मंत्रियों की भी सक्रिय भागीदारी होगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे। अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। अभियान के तहत सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत प्रदेश सरकार के सभी मंत्री और अधिकारी एक-एक कुपोषित बच्चे की देखभाल का जिम्मा उठाएंगे।