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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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देहरादून: चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ है। हर साल लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड आते हैं। श्रद्धालु यहां से अच्छी यादें लेकर जाते हैं, लेकिन इनके लौटने के साथ ही पहाड़ में जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखने लगते हैं। हर जगह प्लास्टिक की बोतलें और कचरा पड़ा मिलता है। ये हिमालयी क्षेत्र के लिए अच्छा नहीं है। इस कचरे से निपटने के लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने शानदार कदम उठाया है। अब बदरीनाथ और केदारनाथ में जमा होने वाले प्लास्टिक के कचरे को कंप्रेस कर के देहरादून भेजा जाएगा। जहां इससे डीजल बनेगा। प्लास्टिक के कचरे का इससे बेहतर इस्तेमाल हो ही नहीं सकता। प्लास्टिक का कचरा हटेगा तो हमारा पर्यावरण बचेगा। बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में हर साल 19 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। बड़ी तादाद में आने वाले श्रद्धालु प्लास्टिक का कचरा वहीं फेंक देते हैं। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों के किनारे भी प्लास्टिक के कचरे के ढेर दिखते हैं। जिस वजह से गंगा भी प्रदूषित हो रही है।