उत्तराखंड में मिली उड़ने वाली गिलहरी, दुनियाभर के वैज्ञानिक इसे ढूंढ रहे हैं

कॉर्बेट नेशनल पार्क में उड़ने वाली गिलहरी दिखी है, ये गिलहरी दुनिया के सबसे दुर्लभ जीवों में से एक है..
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Ramnagar: Flying squirrel found in Corbett national park
Image: Flying squirrel found in Corbett national park

रामनगर: जैव विविधता के लिए मशहूर उत्तराखंड कई दुर्लभ जीवों का घर है। इन्हीं मे से एक है उड़न गिलहरी, जिसे फ्लाइंग स्किवरल कहा जाता है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मिलने वाली ये गिलहरी हाल ही में रामनगर के कॉर्बेट नेशनल पार्क में दिखी। इस इलाके में कश्मीर रेड फ्लाइंग स्क्विरल का दिखना आम बात नहीं है। जीव विज्ञानी फ्लाइंग स्क्विरल की बढ़ती तादाद से खुश हैं। पार्क प्रशासन के लिए भी ये बड़ी उपलब्धि है। कार्बेट नेशनल पार्क में कई दुर्लभ जीवों के दर्शन होते हैं, अब इनमें कश्मीर रेड फ्लाइंग स्क्विरल का नाम भी जुड़ गया है। फ्लाइंग स्क्विरल कॉर्बेट नेशनल पार्क या उससे सटे जंगलों में बहुत कम देखने को मिलती है। इससे पहले पिथौरागढ़ में भी फ्लाइंग स्क्विरल दिखी थी। क्षेत्र में फ्लाइंग स्क्विरल के दिखने से पार्क प्रशासन बेहद उत्साहित है।

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आमतौर पर कश्मीर रेड फ्लाइंग स्क्विरल पाकिस्तान, नेपाल जैसे देशों में पाई जाती है। इसे उड़ने वाली गिलहरी भी कहते हैं। ये जीव अक्सर रात को निकलते हैं, इसीलिए इनके दर्शन कम ही होते हैं। उड़न गिलहरी पेड़ के खोखले तनों में घोंसले बनाकर रहती हैं। इस गिलहरी के अगले और पिछले पंजे इसकी खाल से जुड़े होते हैं। जब ये हवा में होती है तो अपने दोनों पंजों को खोल लेती है, जिस वजह से ये हवा में आसानी से ग्लाइड करती है। सच तो ये है कि उड़न गिलहरी वास्तव में उड़ती नहीं है, बल्कि हवा में ग्लाइड करती है। ग्लाइड करते समय ये 180 डिग्री तक घूम सकती है। यही खासियत इसे दूसरी गिलहरियों से अलग बनाती है। कॉर्बेट नेशनल पार्क उड़न गिलहरी का नया ठिकाना है। एक वक्त था जब उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उड़न गिलहरी बड़ी तादाद में मिलती थीं, पर लगातार शिकार की वजह से अब ये जीव दुर्लभ जीवों की श्रेणी में है। इसके शिकार पर कड़ी सजा का प्रावधान