पहाड़ में बारिश से बुरे हाल..कहीं 3 दिन से नहीं उठी लाश, कहीं दफ्न हो गया हंसता खेलता बच्चा

अल्मोड़ा में भूस्खलन ने 8 साल के मासूम की जान ले ली, नाचनी में वृद्धा का अंतिम संस्कार तीन दिन बाद भी नहीं हो सका..
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Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

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Nainital: Child dies in landslide
Image: Child dies in landslide

अल्मोड़ा: उत्तराखंड में बारिश से तबाही का सिलसिला थम नहीं रहा। अल्मोड़ा में बारिश की वजह से चट्टान ढह गई। 8 साल का मासूम मलबे मे दब गया, जिस वजह से उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कुमाऊं के दूसरे इलाकों में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। पिथौरागढ़ में 6 से ज्यादा सड़कें बारिश के साथ आए सैलाब में बह गईं। मुख्य सड़कों पर आवाजाही ठप है। गांवों तक राशन, सब्जियां और दूसरा जरूरी सामान नहीं पहुंच रहा। सबसे पहले बात करते हैं अल्मोड़ा की। जहां चौखुटिया विकासखंड के सौगड़ा गांव में एक बच्चा भूस्खलन की चपेट में आ गया। कोरनी-छित्ताड़ गांव की रहने वाली एक महिला अपने 8 साल के बेटे के संग मायके आई हुई थी। शुक्रवार शाम वो नल से पानी लेने गई। साथ में 8 साल का योगेश भी चल दिया। तभी निर्माणाधीन सड़क के पास पहाड़ी अचानक दरक गई। बच्चा भी मलबे के साथ-साथ सड़क पर जा गिरा। मलबे-बोल्डर में दबने से मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।

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मां की चीख-पुकार सुन ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत कर शव को बाहर निकाला। देर रात प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बारिश की वजह से लोगों की दुश्वारियां किस कदर बढ़ गई हैं, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि पिथौरागढ़ के एक गांव में बुजुर्ग महिला के शव का पिछले तीन दिन से अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। नाचनी गांव में सड़क बह गई है, जिस वजह से वृद्धा की अंत्येष्टी नहीं हो सकी। परिजनों की गुहार पर आईटीबीपी के जवान रास्ता खोलने के काम में जुटे हैं। पिथौरागढ़ में आधा दर्जन से ज्यादा सड़कें बह गई हैं। सड़कों पर मलबा जमा है। धारचूला जौलजीवी, नाचनी में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। प्रशासन की टीमें सड़क मार्गों से मलबा हटाने में जुटी हैं।