बेरीनाग में गुलदार ने 3 साल के नैतिक को अपना निवाला बना लिया, नैतिक घर का इकलौता चिराग था...
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Leopard kill child in berinag
देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में नरभक्षी गुलदार का आतंक बढ़ता जा रहा है। गुलदार जंगलों से निकल कर आबादी वाले इलाकों में आ रहे हैं, लोगों पर हमला कर रहे हैं, उनकी जान ले रहे हैं। सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भी एक ऐसी ही घटना सामने आई है, जहां गुलदार ने तीन साल के मासूम को अपना निवाला बना लिया। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव कर उनके खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। घटना बेरीनाग क्षेत्र की है, जहां नरभक्षी गुलदार आतंक का सबब बना हुआ है। मनेत गांव में गुलदार ने 3 साल के नैतिक पर हमला कर उसे मार डाला।
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नैतिक अपने घर का इकलौता चिराग था, मासूम की मौत के बाद से घर में कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ गुस्सा है। ग्रामीणों ने कहा कि बच्चे की मौत के लिए सिर्फ वन विभाग और उसके अधिकारी जिम्मेदार हैं। लंबे वक्त से ये क्षेत्र गुलदार के आतंक से त्रस्त है। डर की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे। लोगों ने जंगल में जाना छोड़ दिया है, बच्चे खेलने के लिए घर से बाहर नहीं जा पाते। अंधेरा होने से पहले ही लोग घरों में कैद हो जाते हैं, लेकिन कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए। ग्रामीणों ने नरभक्षी गुलदार को जल्द पकड़ने की मांग की।