पंचायत चुनाव से पहले बीजेपी ने 40 पदाधिकारी हटाए, पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे

प्रदेश बीजेपी संगठन भीतरघातियों को बख्शने के मूड में नहीं है, पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल 40 पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं को बाहर कर दिया गया है...
Advertisement जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स

प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails

Example Ads Media
Panchayat Election: Bjp will expelled 40 party workers and leaders before Uttarakhand Panchayat Election
Image: Bjp will expelled 40 party workers and leaders before Uttarakhand Panchayat Election

देहरादून: उत्तराखंड बीजेपी ने भीतरघातियों को कड़ा सबक सिखाने के लिए प्रदेश के 40 पदाधिकारियों को पदमुक्त कर दिया है। जिन लोगों को पदमुक्त किया गया है, उनमें जिला, मंडल, ब्लॉक, मोर्चा और प्रकोष्ठों के पदाधिकारी शामिल हैं। ये लोग पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए थे। पंचायत चुनाव के दौरान बीजेपी को भीतरघात के चलते नुकसान ना हो, इसीलिए चुनाव के ठीक पहले इन पदाधिकारियों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। जो लोग जिला पंचायत सदस्यों के लिए घोषित प्रत्याशियों के विरोध में खुद चुनाव में खड़े हो गए, या फिर दूसरे प्रत्याशियों का समर्थन कर रहे थे, उनके खिलाफ बीजेपी ने कड़ा एक्शन लिया है। बीजेपी प्रदेश नेतृत्व ने अपने इस फैसले से पार्टी के भीतर बैठे विरोधियों को कड़ा संदेश भी दिया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी ने साफ कर दिया है, कि जो भी पार्टी के फैसले के खिलाफ जाएगा, उसे अंजाम भुगतना होगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। दरअसल प्रदेश नेतृत्व ने पंचायत चुनाव के लिए गठित समितियों से अनुशासनहीनता करने वाले कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की लिस्ट मांगी थी। जिन 40 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाया गया, उन्हें तुरंत बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। बीजेपी ने जिन लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है, उनमें नैनीताल से महामंत्री रामगढ़ खीम सिंह, कार्यकर्ता भवान सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख लाखन नेगी, रामगढ़ मंडल युवा मोर्चा अध्यक्ष कमल सिंह गौड़, कार्यकर्ता रवि नयाल और हरेंद्र सिंह दरम्वाल, पूर्व मंडल महामंत्री लोकेश बिष्ट, पूर्व अध्यक्ष उत्तराखंड दुग्ध फेडरेशन और पूर्व बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोहन सिंह बिष्ट के साथ-साथ मंडल महामंत्री सुनीता बिष्ट भी शामिल हैं।

यह भी पढ़ें - गंगोत्री दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी खाई में गिरी, महिला श्रद्धालु की मौत, 5 यात्री घायल
इसी तरह पिथौरागढ़ से जिला मीडिया प्रभारी जगत मर्तोलिया, मंडल कार्यकर्ता भुवन चंद्र पांडेय, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ पदाधिकारी हरीश सिंह, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह के खिलाफ कार्यवाही हुई है। अल्मोड़ा जिले से महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री कल्पना बोरा और बागेश्वर जनपद से जिला मंत्री मोहन सिंह रावत, जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा सुनील दोसाद और महेश बगरी, मंडल महामंत्री नवीन परिहार, सदस्य जिला कार्यकारिणी पुष्पा टाकुली और बूथ इकाई अध्यक्ष महेश गड़िया को बाहर का रास्ता दिखाया गया। टिहरी जिले से कार्यकर्ता सुशीला देवी और प्रमिला उनियाल, पूर्व मंडल उपाध्यक्ष सचेंद्र सेमवाल, कार्यकर्ता अनोर सिंह, मंडल उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा महन लाल, कार्यकर्ता सिद्धार्थ राणा, उर्मिला पुंडीर, नरेंद्र रावत, नरेंद्र सिंह, ताजवीर सिंह और सरिता रौतेला, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश गुनसोला और ज्येष्ठ प्रमुख भोला परमार को हटा दिया गया। पौड़ी जिले में पूर्व प्रदेश पदाधिकारी महिला मोर्चा मीरा रतूड़ी और पूर्व जिला उपाध्यक्ष संजय गौड़, उत्तरकाशी जनपद से जिला पंचायत मथौली के अध्यक्ष युवा मोर्चा चैन सिंह तोमर और जिला पंचायत मातली बरसाली, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी युवा मोर्चा राजीव बहुगुणा हटाए गए हैं। देहरादून में जिला योजना समिति के किशन सिंह नेगी और जिला मंत्री बीजेपी रजनीश शर्मा को हटा दिया गया है। कुल मिलाकर बीजेपी ने पंचायत चुनाव से पहले भीतरघातियों से निपटने के लिए स्पेशल प्लान तैयार कर लिया है। खुद को पार्टी से ऊपर मानने वालों के खिलाफ कार्यवाही हो रही है। जिन पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं के नाम हमने आपको ऊपर बताए हैं, उनके निष्कासन का आदेश जल्द जारी किया जाएगा।