उत्तराखंड: गुलदार के हमले में 3 साल के मासूम बच्चे की मौत, 4 दिन से बेसुध पड़ी है मां

मनेत गांव में गुलदार के हमले में मारे गए मासूम नैतिक की मां अब तक सदमे से नहीं उबर पाई है...
Advertisement भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Leopard kill child: Leopard kill child in berinag
Image: Leopard kill child in berinag

पिथौरागढ़: सोचिए उस मां पर क्या गुजर रही होगी, जिसके 3 साल के मासूम को गुलदार उसकी गोद से छीन ले गया हो, 3 साल के नैतिक की मां इस वक्त ऐसे ही दर्द और सदमे में है। पिथौरागढ़ में गुलदार के हमले में मासूम की मौत हुए 4 दिन हो गए हैं, लेकिन मां हेमा देवी की जिंदगी मानों थम सी गई है। मासूम की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। हेमा अब भी खुद को कोस रही है। उसे लगता है कि नैतिक की मौत के लिए गुलदार से ज्यादा वो जिम्मेदार है। मंगलवार को विधायक मीना गंगोला भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची और दुखी परिजनों को सांत्वना दी। आपको बता दें कि चार दिन पहले बेरीनाग में रहने वाले 3 साल के मासूम को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया था। जिस वक्त ये दिल दहला देने वाली घटना हुई, उस वक्त 3 साल का नैतिक अपनी मां हेमा की गोद में था। हेमा के दूसरे हाथ में दूध का गिलास था। वो दूसरे कमरे में जा ही रही थी कि तभी गुलदार ने हमला कर मां की गोद से तीन साल के मासूम को छीन लिया। बाद में मासूम का क्षत-विक्षत शव जंगल में पड़ा मिला। नैतिक की मौत के बाद से मनेत गांव में मातम पसरा है। पिता रमेश सिंह और बूढ़ी दादी नंदी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। मां हेमा का हाल तो पूछिए ही मत। वो पिछले चार दिन से बेसुध है। गुलदार के अब तक ना पकड़े जाने से ग्रामीणों में गुस्सा है, ग्रामीणों ने कहा कि अगर 7 दिन के भीतर गुलदार ना पकड़ा गया तो वो सड़कों पर उतरेंगे। वहीं विधायक मीना गंगोला ने पीड़ित परिवार को हर संभब मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि नैतिक के पिता के लिए अस्थायी रोजगार के इंतजाम किए जाएंगे।