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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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अल्मोड़ा: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में गुलदार आतंक का सबब बने हुए हैं। पौड़ी हो, पिथौरागढ़ या फिर अल्मोड़ा, गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक ऐसा कोई जिला नहीं जहां नरभक्षी गुलदारों के हमले की घटनाएं ना हो रही हों। ताजा मामला अल्मोड़ा का है, जहां गुलदार ने 62 साल के बुजुर्ग को अपना निवाला बना लिया। घटना धौलछीना के भैसियाछाना विकासखंड की है। जहां 62 साल के रमेशराम को गुलदार ने मार डाला। रमेशराम डूंगरी के उडल गांव में रहते थे। देर शाम करीब सात बजे वो अपने घर की तरफ लौट रहे थे, कि तभी रास्ते में घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। सुबह रमेशराम की क्षत-विक्षत लाश गांव के पास पड़ी मिली। गुलदार के हमले की घटना से लोग डरे हुए हैं। लोगों ने बताया कि पिछले साल भी गांव में गुलदार के हमले की घटना हुई थी। गुलदार ने गांव के एक युवक को मार दिया था। ग्रामीणों ने इस बारे में वन विभाग से कई बार शिकायत की, लेकिन गुलदार पकड़ा नहीं गया। अब गुलदार ने गांव के एक और शख्स की जान ले ली है। गांव वाले वन विभाग के आलाअधिकारियों से गुहार लगाकर थक गए हैं, पर गुलदार के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए अब तक ठोस प्रयास नहीं किए गए। गुलदार के हमले की बढ़ती घटनाओं ने लोगों को डरा दिया है। लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं, बच्चे भी डरे हुए हैं। वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और गांव वालों को सांत्वना दी। वन अधिकारियों ने कहा कि गुलदार को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया जाएगा।