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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: गोपेश्वर के ग्रामीणों के लिए विजयदशमी का दिन बेहद खास रहा। विजयदशमी के दिन सती मां अनुसूया देवरा यात्रा पर निकलीं। अब मां अनुसूया अगले छह महीने तक देवरा यात्रा पर रहेंगी। यात्रा के दौरान वो अलग-अलग तीर्थों, धामों और प्रयागों का भ्रमण करेंगी। ध्याणियों को आशीर्वाद देंगी। वैसे तो उत्तराखंड में देव जात्राओं की परंपरा काफी पुरानी है, पर मां अनुसूया की देवरा यात्रा क्यों खास है ये भी बताते हैं। दरअसल ये मौका 45 साल बाद आया है, जबकि माता अनुसूया अपना मंदिर छोड़कर देवधामों की यात्रा पर निकली हैं। मां अनुसूया के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए भी ये दिन खास रहा। विजयदशमी के दिन विशेष पूजा-अर्चना के बाद माता की डोली को यात्रा के लिए रवाना किया गया।