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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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: पहाड़ के गांव रेल सेवा से जुड़ने का सपना देख रहे हैं। ये सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन का कार्य प्रगति पर है। स्टेशनों के नाम भी तय हो गए हैं। रेललाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे होने के बाद भूमि-अधिग्रहण का काम पूरा हो गया है। रेललाइन बिछाने में एक और दिक्कत आ रही थी, इसके लिए वन विभाग का क्लीयरेंस मिलना जरूरी था। अब रेलवे को प्रोजेक्ट के लिए जरूरी फॉरेस्ट क्लियरेंस मिल गया है, जिसके बाद ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम रफ्तार पकड़ेगा। परियोजना के तहत रेलवे ने 70 फीसदी भू-अधिग्रहण के तहत मुआवजा भी दे दिया है। बुधवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के आवास पर इस संबंध में एक बैठक हुई। जिसमें मुख्यमंत्री ने रेल लाइन की प्रगति के बारे में जाना। बैठक में सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर पौड़ी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारियों से कहा कि वो रेलवे के साथ समन्वय बनाकर काम करें। प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जिस भी तरह की प्रशासनिक सहायता की जरूरत हो, रेलवे को मुहैया कराएं। मुआवजा वितरण के लिए हर जिले में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने रेलवे को सभी स्टेशनों को पर्वतीय शैली की स्थापत्यकला से निर्मित करने के लिए कहा।